9 दिन से अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो स्ट्रेचर पर पहुंचे; JSSC-CGL की CBI जांच की मांग पर अड़े अभ्यर्थी
रांची। झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं (JPSC-JSSC) में कथित धांधली के खिलाफ जारी आंदोलन के 17वें दिन राजधानी रांची में स्थिति तनावपूर्ण हो गई। नए विधानसभा भवन का घेराव करने निकले हजारों प्रदर्शनकारी छात्रों और पुलिस के बीच तीखा टकराव हुआ। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेड्स, कंटीले तार, वाटर कैनन (पानी की बौछार) और आंसू गैस के गोलों का प्रयोग किया।
लाठीचार्ज में कई अभ्यर्थी घायल, स्ट्रेचर पर पहुंचे देवेंद्रनाथ महतो
पुलिसिया कार्रवाई: बीबीसी संवाददाता के अनुसार, पुलिस ने उग्र भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया, जिसमें कई छात्र घायल हो गए।
अनशन के बावजूद पहुंचे महतो: पिछले 9 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो एंबुलेंस से प्रदर्शन स्थल पहुंचे और स्ट्रेचर पर आगे बढ़ते दिखे। उन्होंने कहा कि वे बैरिकेड्स और कंटीले तार पार करके आए हैं और जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।
सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत का हाल
रविवार को स्टेट गेस्ट हाउस में सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच दूसरे दौर की वार्ता हुई, जिसमें कई अहम निर्णय लिए गए:
सहमति के बिंदु: छात्र नेता रविंद्र रवि व रवींद्र पासवान के अनुसार, सरकार 14वीं JPSC की प्रारंभिक परीक्षा और JPSC बैकलॉग परीक्षा (2023 व 2025) को रद्द करने पर सहमत हुई है। साथ ही TDPL एजेंसी द्वारा आयोजित परीक्षाओं की CID व ED से जांच कराने का प्रस्ताव दिया गया है।
असमहति और मुख्य विवाद: छात्र JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने और पूरे मामले की CBI (सीबीआई) जांच कराने की मांग पर अड़े हुए हैं, जिस पर सरकार अभी सहमत नहीं हुई है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
अखिलेश यादव (अध्यक्ष, सपा): समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि देश में बढ़ती बेरोजगारी और नौजवानों के अंधकारमय भविष्य के लिए असली जिम्मेदार केंद्र सरकार है। यदि केंद्र रोजगार सृजन में मदद करे तो राज्यों को भी राहत मिले।
राजनीतिक समर्थन: कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने भी अभ्यर्थियों के मार्च का समर्थन करते हुए आंदोलनकारियों के साथ एकजुटता जताई।
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