
उदयपुर। झीलों की नगरी उदयपुर में जल संकट ने एक बार फिर गंभीर रूप ले लिया है। शहर में पेयजल आपूर्ति का गणित अचानक बिगड़ गया है और जलदाय विभाग (PHED) ने 25 सितंबर से एक नई जल वितरण व्यवस्था लागू करने का फरमान जारी कर दिया है। इसके तहत अब शहरवासियों को 48 घंटे के बजाय हर 72 घंटे (तीसरे दिन) में पानी की आपूर्ति की जाएगी।
इस फैसले ने शहर में तीखी बहस छेड़ दी है। पुराने बाशिंदों और जानकारों का कहना है कि जब उदयपुर ने भीषण अकाल और सूखे का दौर देखा था, तब भी शहर में 48 घंटे के अंतराल पर जलापूर्ति बहाल रखी गई थी। ऐसे में आज जब तकनीक, संसाधन और बजट की कोई कमी नहीं है, तब जनता को 72 घंटे के लंबे अंतराल पर धकेलना जलदाय विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पूर्व पार्षद एडवोकेट दिनेश गुप्ता ने भी विभाग के इस फैसले की आलोचना करते हुए पुनर्विचार की मांग की है। उनका कहना है कि समय में कुछ कटौती हो, लेकिन जलापूर्ति 48 घंटे में एक बार होनी ही चाहिए।
नए मेयर पारस सिंघवी के लिए पहली अग्निपरीक्षा
नगर निगम में नवनिर्वाचित महापौर पारस सिंघवी के पदभार संभालते ही यह संकट सामने आ खड़ा हुआ है।
घोषणा बनाम ज़मीनी हक़ीक़त: पदभार ग्रहण के दौरान महापौर ने शहरवासियों को मूलभूत सुविधाएं—सड़क, नाली और पीने का पानी—प्राथमिकता से उपलब्ध कराने का वादा किया था।
जनता की उम्मीदें: ‘ट्रिपल इंजन’ सरकार के दावों के बीच पदभार संभालने के 48 घंटे के भीतर पानी का अंतराल बढ़कर 72 घंटे होना नए नगर निगम बोर्ड और शहर के जनप्रतिनिधियों के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। अब देखना होगा कि महापौर और स्थानीय विधायक इस मामले में दखल देकर जलदाय विभाग से क्या सामंजस्य बैठाते हैं। शहर के लोगों ने सरकार के पोर्टल 181 पर इस बारे में शिकायत भी दर्ज करवा दी।
नई व्यवस्था: सप्लाई का समय वही, लेकिन अंतराल बढ़ा
जलदाय विभाग के अनुसार-सप्लाई का शेड्यूल: पानी सप्लाई का निर्धारित समय (अवधि) पहले जैसा ही रहेगा, लेकिन दो सप्लाई चक्रों के बीच का अंतराल 48 घंटे से बढ़कर 72 घंटे हो जाएगा।
प्रभावित मुख्य इलाके: इस नई व्यवस्था की जद में शहर का बड़ा हिस्सा आ रहा है, जिनमें शामिल हैं—
उपनगरीय व आवासीय सेक्टर: सविना, सेक्टर-4, 5, 6 व 14, गोवर्धन विलास, पटेल सर्किल, रेलवे क्षेत्र, राजेंद्र नगर, गायत्री नगर, शांति नगर और माछला मगरा।
भीतरी व पर्यटन क्षेत्र: सूरजपोल, हाथीपोल, चांदपोल, लालघाट, अंबामाता, अंबावगढ़ और सज्जननगर।
जलदाय विभाग की अपील
जलदाय विभाग ने शहर के नागरिकों से अपील की है कि वे 72 घंटे के इस नए अंतराल को ध्यान में रखते हुए घरों में आवश्यकतानुसार पानी का अग्रिम भंडारण कर लें। विभाग ने पानी के किसी भी प्रकार के अपव्यय से बचने और इसका अत्यंत मितव्ययता व समझदारी से उपयोग करने का आग्रह किया है।
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