कनाडा। कनाडा के इतिहास के सबसे कुख्यात सीरियल किलर रॉबर्ट पिक्टन का आतंक आखिरकार खत्म हो गया। 74 वर्षीय पिक्टन, जिसे ‘बूचड़’ के नाम से भी जाना जाता था, की जेल में हत्या कर दी गई। यह वही व्यक्ति था जिसने 49 सेक्स वर्कर्स को अपनी दरिंदगी का शिकार बनाया और उनके शवों के टुकड़े अपने सुअर फार्म के सूअरों को खिला दिए थे।
जेल में हमले से हुई मौत
19 मई को क्यूबेक की एक हाई सिक्योरिटी जेल में पिक्टन पर एक अन्य कैदी ने जानलेवा हमला किया। उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 31 मई को उसकी मौत हो गई। हमलावर कैदी की पहचान गुप्त रखी गई है, लेकिन पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है।
‘बूचड़’ की क्रूरता
रॉबर्ट पिक्टन ने 90 के दशक में 49 महिलाओं की निर्मम हत्या की थी। वह पहले वेश्याओं के साथ शारीरिक संबंध बनाता, फिर उन्हें जहरीला इंजेक्शन देकर बेहोश करता और बाद में उनकी हत्या कर देता। उसने उनके कटे हुए अंग अपने सुअर फार्म के सूअरों को खिला दिए। उसकी रामशेकल इमारत में महिलाओं के कटे हुए टुकड़े पाए गए थे, जो उसकी दरिंदगी की गवाही देते हैं।
सुअर फार्म से खुला राज
2002 में एक नशे की आदी महिला के गायब होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और पिक्टन के सुअर फार्म से इंसानी अंगों के मिलने की खबर ने सभी को चौंका दिया। लंबी जांच के बाद पुलिस ने पिक्टन को गिरफ्तार कर लिया और अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई।
50 कत्ल का रिकार्ड बनाने की ख्वाहिश
पिक्टन ने अपने एक इंटरव्यू में कबूल किया था कि वह 50 महिलाओं की हत्या कर रिकार्ड बनाना चाहता था। उसने पहली हत्या 1995 में की थी और तब से लगातार महिलाओं को अपना शिकार बनाता रहा। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि पिक्टन के सुअरों के बाड़े में महिलाओं के कई कटे हुए अंग मिले थे।
न्याय का अंत
रॉबर्ट पिक्टन की मौत के साथ ही कनाडा के इस सबसे कुख्यात सीरियल किलर की कहानी का अंत हो गया। उसकी दरिंदगी ने न जाने कितनी जिंदगियों को तबाह किया, लेकिन अंत में न्याय ने अपना काम किया। यह घटना हमें याद दिलाती है कि भले ही न्याय में देर हो, मगर अपराधियों को उनके किए की सजा जरूर मिलती है।
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