
उदयपुर। उदयपुर जिले की बेकरिया थाना पुलिस ने सड़क पर खतरनाक तरीके से स्टंटबाजी करने वालों और यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले वाहन चालकों के खिलाफ एक बड़ी और काबिले तारीफ कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस टीम ने थाने के सामने नाकाबंदी कर वाहनों की सघन जांच की और 8 पावर बाइक सहित कुल 20 मोटरसाइकिलों को जब्त कर लिया। इसके लिए उदयपुर एसपी डॉ. अमृता दुहन और थानाधिकारी रामअवतार मीणा की भी सराहना की जानी चाहिए
मेरा मानना है कि इस तरह की कार्रवाई पूरे प्रदेश में होनी चाहिए ताकि बाइक की वजह से होने वाले दुर्घटनाओं पर रोक लग सके। पुलिस मुख्यालय यदि प्रदेश स्तर पर यह अभियान चलाए तो इसके बेहतर परिणाम होंगे।
अचानक हुई इस कार्रवाई से तेज रफ्तार और स्टंटबाज चालकों में हड़कंप मच गया।
शहर के चौराहों पर केवल हेलमेट के नाम पर चालान काटने की परिपाटी के बजाय पुलिस को हाइवे पर ही ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों को सबक सिखाना चाहिए। ऐसे स्टंटबाज ही नहीं, बल्कि जानलेवा रफ्तार से वाहन चलाने वाले बाइकर्स को पकड़ना और उनसे नियमों की पालना करवाना आज समय की सबसे बड़ी जरूरत है।
आंकड़ों और जमीनी हकीकत पर नजर डालें तो सबसे ज्यादा जानलेवा बाइक दुर्घटनाएं और मौतें ग्रामीण इलाकों और हाइवे पर ही होती हैं, जबकि शहरों में ऐसे गंभीर हादसे कभी-कभार ही देखने को मिलते हैं। शहर में नियमों की पालना के लिए जागरूकता और समझाइश जितनी जरूरी है, वही कार्य ग्रामीण क्षेत्रों में भी होना आवश्यक है। हालांकि, केवल समझाइश काफी नहीं है; ऐसी जानलेवा दुर्घटनाओं को रोकने के लिए भारी जुर्माना लगाना भी बेहद जरूरी हो गया है, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को ट्रैफिक नियमों की न तो पर्याप्त जानकारी होती है और न ही इस विषय पर जागरूक किया जाता है।
बेकरिया थाना पुलिस की जांच के दौरान कई वाहन चालक शराब के नशे में धुत होकर वाहन चलाते पाए गए। इसके अलावा कई वाहनों के दस्तावेज भी अधूरे थे और कई सिरफिरे युवक सड़क पर खतरनाक तरीके से स्टंटबाजी कर रहे थे। पुलिस ने सभी 20 वाहनों को मोटर वाहन (एमवी) अधिनियम के तहत जब्त कर चालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की है।
थानाधिकारी रामअवतार मीणा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सड़क पर स्टंटबाजी करने, शराब पीकर वाहन चलाने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस की यह सख्त कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
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