उदयपुर के आशाधाम आश्रम में डेमियन सिस्टर का निधन, अपनी सेवा के लिए याद की जाएंगी, वो उदयपुर की मदर टेरेसा थीं


स्मृति शेष : डेमियन सिस्टर का निधन न केवल आशाधाम आश्रम के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए एक बड़ी क्षति है। उनके जीवन की यात्रा और उनकी सेवा भावना को कभी नहीं भुलाया जा सकेगा। उनका योगदान और उनकी विरासत हमेशा हमारे साथ रहेगी और हमें सेवा और समर्पण के मार्ग पर प्रेरित करती रहेगी। आशाधाम आश्रम की शुरुआत सेंटपॉल में करीब 25 साल पहले हुई थीं, तब से सिस्टर डेनियम बेसहारा और बीमार लोगों की सेवा कर रही थीं। उन्हें उदयपुर की मदर टेरेसा के नाम से जाना जाता है।

यहां से पढ़िए पूरी खबर

उदयपुर। राजस्थान के प्रसिद्ध आशाधाम आश्रम में डेमियन सिस्टर का निधन हो गया है। अपनी निस्वार्थ सेवा और समर्पण के कारण वे उदयपुर की मदर टेरेसा के रूप में जानी जाती थीं।

सेवा और समर्पण का जीवन

डेमियन सिस्टर का पूरा जीवन मानवता की सेवा में समर्पित रहा। वे आशाधाम आश्रम में वर्षों से रह रही थीं और उन्होंने अनगिनत जरूरतमंदों, अनाथों और बीमारों की सेवा की। उनके द्वारा किए गए कार्यों ने कई लोगों के जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया।

आशाधाम आश्रम में योगदान

आशाधाम आश्रम में डेमियन सिस्टर ने अनवरत सेवा की। वे हमेशा दूसरों की मदद के लिए तत्पर रहती थीं, चाहे दिन हो या रात। उनके समर्पण और मेहनत ने आश्रम को एक महत्वपूर्ण सेवा स्थल बना दिया। उनकी सेवा भावना ने उन्हें सभी के दिलों में विशेष स्थान दिलाया था।

उदयपुर की मदर टेरेसा

डेमियन सिस्टर को उदयपुर की मदर टेरेसा के रूप में जाना जाता था। उनकी निस्वार्थ सेवा और समाज के प्रति उनका समर्पण वास्तव में मदर टेरेसा की याद दिलाता है। उन्होंने अपने जीवन को दूसरों की सेवा के लिए समर्पित कर दिया और यह उनकी सबसे बड़ी विरासत है।

श्रद्धांजलि

डेमियन सिस्टर के निधन से उदयपुर के लोग गहरे शोक में हैं। आश्रम के सभी सदस्य और सिस्टर के प्रियजन उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। उनकी स्मृति में एक विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया है, जिसमें लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए एकत्रित होंगे।

उनकी विरासत

डेमियन सिस्टर की सेवा और समर्पण की विरासत हमेशा जीवित रहेगी। उन्होंने अपने जीवन में जो कार्य किए, वे न केवल आशाधाम आश्रम के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा और उनकी स्मृति में आश्रम उनके सेवा कार्यों को आगे बढ़ाएगा।

About Author

Leave a Reply