
प्रेरणादायक उदाहरण : उदयपुर की दो सगी बहनों ने कक्षा 7 से तय किए लक्ष्य को कड़ी मेहनत से किया हासिल।
शानदार रैंक : जेईई एडवांस 2026 में मुनीज़ा परवीन ने 10,428वीं रैंक हासिल कर परिवार का नाम किया रोशन।
वैश्विक पहचान : बड़ी बहन मंतबा खान IIT धनबाद से बीटेक के बाद यूनाइटेड किंगडम (UK) से कर चुकी हैं एमएस (MS)।
उदयपुर। हाल ही में घोषित हुए देश की सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा ‘जेईई एडवांस 2026’ के परिणामों के बाद झीलों की नगरी उदयपुर के एक शिक्षक दंपति के घर में जश्न और गर्व का माहौल है। इस परिवार ने अपनी दोनों बेटियों को देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान ‘आईआईटी’ (IIT) तक पहुंचाकर समाज के सामने महिला सशक्तीकरण और शिक्षा का एक बेमिसाल उदाहरण पेश किया है।
स्कूली व्याख्याता लतीफ़ुद्दीन पठान की छोटी बेटी मुनीज़ा परवीन ने इस साल जेईई एडवांस में 10,428वीं रैंक हासिल की है। वर्तमान में चल रही जोसा (JoSAA) काउंसलिंग के पहले ही राउंड में उन्हें देश के ऐतिहासिक संस्थान IIT रुड़की का आवंटन हो रहा है।
बड़ी बहन मंतबा खान के पदचिह्नों पर चलकर मिली सफलता
यह सफलता रातों-रात नहीं मिली, बल्कि इसके पीछे सालों की तपस्या और एक मजबूत पारिवारिक ताना-बाना है। परिवार की बड़ी बेटी मंतबा खान ने पहले ही IIT धनबाद से सफलतापूर्वक बीटेक (B.Tech) की डिग्री हासिल की और इसके बाद यूनाइटेड किंगडम (UK) की प्रतिष्ठित ‘यूनिवर्सिटी ऑफ वॉरविक’ से बिजनेस एनालिटिक्स में एमएस (MS) की पढ़ाई पूरी कर चुकी हैं।
अपनी बड़ी बहन को रोल मॉडल मानकर छोटी बहन मुनीज़ा परवीन ने भी बचपन से ही आईआईटी को अपना एकमात्र लक्ष्य बना लिया था।
कक्षा 7 से ही शुरू हो गया था मिशन IIT : ऐसे मजबूत हुई नींव
बचपन से लक्ष्य पर नजर: मंतबा खान ने कक्षा 7 से ही आईआईटी एडवांस को अपना लक्ष्य बना लिया था। उसने नियमित स्कूली शिक्षा के साथ-साथ विषयों की गहराई से तैयारी शुरू कर दी थी। इसी राह पर छोटी बहन मुनीज़ा भी चलीं।
PCCB कार्यक्रम का संबल : जब दोनों बहनें कक्षा 7 से 10वीं तक पढ़ रही थीं, तब PCCB कार्यक्रम के प्रभारी शुभम गालव के कुशल निर्देशन में उन्हें निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली। गालव के मार्गदर्शन ने दोनों बहनों में नियमित पढ़ाई की आदत डाली और उनकी वैचारिक नींव को बेहद मजबूत किया।
स्कूली शिक्षा : दोनों बहनों ने कक्षा 10 तक की पढ़ाई सेंट मैरी सीनियर सेकेंड्री कॉन्वेंट स्कूल, न्यू फतेहपुरा से पूरी की, जबकि कक्षा 11वीं और 12वीं की पढ़ाई के लिए उन्होंने एमडीएस (MDS) विद्यालय को चुना।
टेस्ट सीरीज और माता-पिता का त्याग बना सफलता की धुरी
अपनी तैयारी को अंतिम रूप देने के लिए दोनों छात्राओं ने रेडियंट एकेडमी (वर्तमान में यूनिटी एकेडमी) से विशेष मार्गदर्शन प्राप्त किया। संस्थान में आयोजित होने वाली नियमित टेस्ट श्रृंखला (Test Series) ने उनकी कमियों को सुधारा और शिक्षकों ने समय-समय पर उनकी शंकाओं का समाधान कर उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाया।
इस पूरी यात्रा में माता-पिता का समर्पण अद्वितीय रहा। हर रविवार को होने वाले टेस्ट के लिए बच्चों को समय पर टेस्ट सेंटर ले जाना, वापस लाना और उनके मानसिक स्वास्थ्य व खान-पान का ध्यान रखना माता-पिता की दिनचर्या का हिस्सा बन गया था। 10वीं बोर्ड में भी दोनों बहनों ने अपना लोहा मनवाया था, जहां मंतबा ने 97.8% अंक हासिल किए थे, वहीं मुनीज़ा ने 96.4% अंक प्राप्त किए थे।
‘सुपर मॉम’ का अनुकूल वातावरण और गुरुओं का आभार
इस दोहरी सफलता के पीछे उनकी माता श्रीमती फरखिंदा परवीन की भी एक बेहद अहम भूमिका रही है। वर्तमान में शिक्षा विभाग में उपप्राचार्य (Vice Principal) के पद पर कार्यरत श्रीमती फरखिंदा ने घर में बच्चों के लिए पढ़ाई का एक बेहद सकारात्मक और तनावमुक्त माहौल तैयार किया।
आज शिक्षक दंपति का सिर गर्व से ऊंचा है। दोनों बेटियां अब अपने अगले बड़े लक्ष्यों की ओर अग्रसर हैं और भविष्य में वैश्विक पटल पर देश व अपने शहर उदयपुर का नाम रोशन करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
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