आठ वर्षीय आहना बच्चों में जगा रही सांस्कृतिक चेतना — कथाओं, भजनों और नृत्य से दिया प्रेरणादायक संदेश

उदयपुर। उदयपुर के क्रॉसरोड इंटरनेशनल स्कूल की तीसरी कक्षा में अध्ययनरत आठ वर्षीय आहना परिहार अपनी नन्ही उम्र में ही संस्कृति और परंपरा का संदेश फैलाने में अग्रणी बन रही है। आहना ने थियोसोफिकल सोसाइटी एवं राजस्थान बाल कल्याण समिति के बच्चों के लिए विशेष प्रस्तुति दी, जिसमें गणेश चतुर्थी की कथा को चित्रों के माध्यम से रोचक अंदाज में सुनाया। इसके बाद गणेश स्त्रोतम पर भरतनाट्यम नृत्य कर सबका मन मोह लिया।
दोनों संस्थानों में आयोजित इस कार्यक्रम ने न केवल बच्चों को आनंदित किया बल्कि सभी उपस्थित जनों को भी गहराई से प्रभावित किया। इससे पहले आहना ने नारायण सेवा संस्थान में जन्माष्टमी अवसर पर 350 से अधिक बच्चों के बीच कहानी वाचन और भजन गायन कर सराहना पाई थी। उस कार्यक्रम में जनजातीय, मूक-बधिर और शारीरिक रूप से अक्षम विद्यार्थी भी सम्मिलित रहे।
आहना के इस सांस्कृतिक अभियान में उनकी शास्त्रीय नृत्य गुरु मनीषा नेगी और माता इना परिहार का विशेष मार्गदर्शन रहा। आहना का उद्देश्य सरल भाषा में कथाओं का वाचन कर भारतीय सांस्कृतिक विरासत को बच्चों तक पहुंचाना है। साथ ही अपने भजनों और नृत्य के माध्यम से संस्कृति की अमूल्य धरोहर को नई पीढ़ी तक संप्रेषित करना है।
आहना की यह पहल प्रेरणादायक है और उनकी स्वप्रेरणा से किए गए इस नवाचार से अन्य विद्यार्थी भी सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय होने के लिए उत्साहित हो रहे हैं।

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