फोटो : कमल कुमावत

उदयपुर। पावन जलझूलनी एकादशी के अवसर पर उदयपुर में एक अनूठी धार्मिक शोभा देखने को मिली, जब विभिन्न समाजों की भव्य राम रेवाड़ी ने नगर की सड़कों पर अपना अद्वितीय सौंदर्य बिखेरा। इस ऐतिहासिक आयोजन में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया, और भक्ति की इस अलौकिक यात्रा ने सबका मन मोह लिया।

भक्तिभाव से ओत-प्रोत झांकियां नगर की मुख्य सड़कों से गुजरते हुए हर किसी का ध्यान आकर्षित कर रही थीं। भगवान राम के भव्य रथ की सवारी ने श्रद्धालुओं के दिलों में श्रद्धा का दीप प्रज्वलित किया, और भक्तों ने इसे अपार उल्लास के साथ देखा। विभिन्न पोशाकों में सजे हुए लोग भक्ति में लीन होकर नृत्य और गान कर रहे थे। पूरा शहर रंग-बिरंगे परिधानों और भक्ति की लहर से सराबोर था।

इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण गंगू कुंड में भगवान राम की प्रतिमा का जलाभिषेक था। आयड़ स्थित गंगू कुंड में भक्तों ने गंगा जल से भगवान का अभिषेक किया और इस शुभ अवसर पर सामूहिक पूजा-अर्चना की। शंख, घंटे और ढोल-नगाड़ों की गूंज से सजी इस पूजा में भक्तों ने भक्ति-भाव से भरे भजन गाए और वातावरण को और भी पवित्र बना दिया।

यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक था, बल्कि सामाजिक एकता और सामूहिक उत्सव का भी संदेश दे गया। स्थानीय निवासियों के लिए यह एक विशेष अवसर बना, जिसने उनकी धार्मिक भावनाओं को और भी प्रबल कर दिया। जलझूलनी एकादशी के इस भव्य आयोजन ने हर दिल को छुआ, और इस अवसर की धार्मिक महिमा को और ऊँचाई प्रदान की।
“भगवान राम की कृपा से, यह आयोजन सदियों तक यादगार रहेगा और भक्तों के दिलों में आस्था की ज्योत जलाए रखेगा,” ऐसा हर श्रद्धालु की आंखों में झलकता विश्वास था।




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