
उदयपुर। मेवाड़ अंचल में मानसून का असर एक बार फिर नजर आने लगा है। पिछले 24 घंटों में जिले के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम और कहीं-कहीं तेज बारिश दर्ज की गई। उदयपुर शहर में करीब एक इंच जबकि गोगुंदा क्षेत्र में तीन इंच बारिश हुई। बारिश का यह दौर मदार कैचमेंट क्षेत्र के लिए संजीवनी साबित हुआ है, जिसके चलते मदार बड़ा तालाब की चादर तेज बहने लगी है और मदार नहर चलने से फतहसागर झील के जलस्तर में बढ़ोतरी की उम्मीद बंध गई है।
गोगुंदा क्षेत्र में हुई भारी बारिश से मदार बड़ा तालाब में पानी की आवक बढ़ी है। बीते दिनों यहां पाल के एक हिस्से से मामूली बहाव शुरू हुआ था, लेकिन अब पानी की धार ने रफ्तार पकड़ ली है। यदि कैचमेंट में बारिश का सिलसिला ऐसे ही जारी रहा तो आने वाले दिनों में फतहसागर झील भी लबालब हो सकेगी।
मदार छोटा तालाब पहले ही लबालब हो चुका है, लेकिन कैचमेंट में पर्याप्त बारिश न होने से वहां तेज वेग से चादर चलने का इंतजार है।
मेवाड़ अंचल में बरसे बादल
जलसंसाधन विभाग के अनुसार उदयपुर जिले में सबसे ज्यादा बारिश गोगुंदा (68 मिमी यानी लगभग 3 इंच) में दर्ज की गई।
उदयपुर शहर: 25 मिमी
मावली बड़गांव: 44 मिमी
बागोलिया: 25 मिमी
सायरा: 36 मिमी
खेरवाड़ा: 22 मिमी
वल्लभनगर: 18 मिमी
शहर से सटा बड़गांव: 17 मिमी
देवास: 25 मिमी
मदार: 40 मिमी
इसके अलावा राजसमंद, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, डूंगरपुर और बांसवाड़ा जिलों में भी कई जगहों पर मध्यम से तेज बारिश हुई है।
उम्मीदें अब भी बरकरार
हालांकि शहरवासी अभी भी तेज बारिश का इंतजार कर रहे हैं। झीलों के नगरी कहे जाने वाले उदयपुर में मानसून की हर बौछार पर्यटन और किसानों दोनों के लिए राहत लेकर आती है। यदि अगले दिनों में कैचमेंट क्षेत्रों में अच्छी बारिश होती है, तो न केवल फतहसागर बल्कि अन्य झीलों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ सकता है।
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