उदयपुर। उदयपुर में 40 साल से चल रहे हाईकोर्ट बेंच स्थापित करने के आंदोलन को ऐसा झटका लगेगा किसी ने नहीं सोचा होगा। दरअसल बीकानेर के सांसद और केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने बीकानेर में वर्चुअल हाईकोर्ट बेंच स्थापना की घोषणा कर दी। वकील तो यहां तक बता रहे हैं कि बीकानेर में वर्चुअल हाईकोर्ट बेंच ने काम शुरू कर दिया है।
इससे स्थानीय वकीलों और लोकल लीडर्स को बड़ा झटका लगा है। उदयपुर के सांसद अर्जुन मीणा ने अब संसद में धरने पर बैठने की चेतावनी दी है। इस फैसले के विरोध में वकीलों ने भी सोमवार को हड़ताल का ऐलान किया है।
आम जनता भी केंद्र सरकार के इस फैसले से खफा दिखाई दे रही है। उदयपुर शहर के विधायक रहे और अब असम के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने भी वकीलों का फोन जाने पर चिंता जताई और तत्काल कानून मंत्री से बातचीत की। बताया जा रहा है कि कानून मंत्री ने कटारिया को उदयपुर के लिए भी आश्वासन दिया है।
उदयपुर के वकीलों को गहरा दुख हुआ है। दरअसल लंबे समय से उदयपुर बार एसोसिएशन से चुने गए अधिकांश वकील इस आंदोलन से जुड़े रहे हैं। हर बार इन्होंने उदयपुर में हाईकोर्ट बेंच स्थापित नहीं होने के लिए कांग्रेस व सीएम अशोक गहलोत को कटघरे में खड़ा किया है। भाजपा नेता और सरकार द्वारा यह निर्णय करने से भाजपा विचारधारा से जुड़े वकीलों को गहरा आघात लगा है। वे खुद को शर्मिंदा और ठगा महसूस कर रहे हैं।
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