
उदयपुर। भारतीय नववर्ष केवल कैलेंडर बदलने का दिन नहीं, बल्कि हमारी वैज्ञानिक कालगणना और सांस्कृतिक अस्मिता का प्रतीक है। इस वर्ष उदयपुर की भारतीय नववर्ष समाजोत्सव समिति ने इसे एक नई दिशा देते हुए “पंच परिवर्तन” के संकल्प के साथ मनाने का निर्णय लिया है।
पंच परिवर्तन: समाज को बदलने का पांच सूत्रीय मंत्र
समिति के संरक्षक प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा के अनुसार, इस उत्सव का मुख्य उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक पाँच मूल संदेश पहुँचाना है:
स्व का भाव : अपनी गौरवशाली संस्कृति और इतिहास पर गर्व करना।
सामाजिक समरसता : सभी वर्गों के बीच भेदभाव मिटाकर एकता बढ़ाना।
पर्यावरण संरक्षण : जल और प्रकृति के प्रति संवेदनशील जीवनशैली अपनाना।
कुटुंब प्रबोधन : परिवारों में संस्कार, नैतिकता और एकजुटता लाना।
नाग्रिक कर्तव्य : राष्ट्रहित में अपने दायित्वों के प्रति जागरूक होना।
पांच दिवसीय आयोजनों की श्रृंखला
18 मार्च : भव्य चार पहिया भगवा वाहन रैली
उत्सव का आगाज सायं 3 बजे महाकाल मंदिर से विशाल वाहन रैली के साथ होगा। यह रैली चेतक सर्कल, सुखाड़िया सर्कल, फतहपुरा, आर.के. सर्कल, और शोभागपुरा होते हुए सब-सिटी सेंटर पर संपन्न होगी। भगवा ध्वजों से सजे वाहनों का यह काफिला शहर में नववर्ष का उत्साह जगाएगा।
19 मार्च : मंदिरों में महाआरती और भक्ति का माहौल
शहर की 73 बस्तियों के प्रमुख मंदिरों में समाज के लोग एकत्र होंगे। यहाँ महाआरती, गंगा आरती और हनुमान चालीसा के पाठ के माध्यम से आध्यात्मिक वातावरण तैयार किया जाएगा।
20 मार्च : चेटीचंड और सामाजिक सहभागिता
समरसता का संदेश देते हुए समिति के सदस्य सिंधी समाज के ‘चेटीचंड’ पर्व की शोभायात्रा में शामिल होंगे। यह कदम विभिन्न समाजों के बीच आपसी तालमेल और भाईचारे को सुदृढ़ करेगा।
21 मार्च : शंखनाद और घोष वादन
शहर के प्रमुख मंदिरों जैसे बोहरा गणेशजी, जगदीश मंदिर और गुरुद्वारा सचखंड दरबार में भव्य शंखनाद होगा। पारंपरिक घोष वादन के जरिए नववर्ष के आगमन की सूचना दी जाएगी।
22 मार्च : ऐतिहासिक शोभायात्रा और धर्मसभा
उत्सव के अंतिम दिन दोपहर 3 बजे गांधी ग्राउंड से विशाल शोभायात्रा निकलेगी। इसमें मातृशक्ति मंगल कलश लेकर चलेंगी और 100 से अधिक झांकियां, अखाड़े व ढोल-नगाड़े शामिल होंगे। नगर निगम प्रांगण में आयोजित धर्मसभा में ज्ञानानन्द सरस्वती महाराज और ब्रह्मचारी गुलाबदास महाराज का आशीर्वचन प्राप्त होगा। सायं को ‘रेपरिया बालम’ फेम अशोक मंडा राजस्थानी लोक संगीत और हिप-हॉप की प्रस्तुति देंगे।
वैज्ञानिक और ऐतिहासिक महत्व
पत्रकार वार्ता में भुवनेश्वरी दीदी माँ ने बताया कि भारतीय कालगणना दुनिया में सबसे सटीक है। सम्राट विक्रमादित्य ने इसी दिन विदेशी आक्रांताओं को खदेड़कर विजय प्राप्त की थी। मान्यता है कि सृष्टि की रचना और भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक भी इसी पावन तिथि को हुआ था।
18 से 22 मार्च तक उदयपुर भक्ति, शक्ति और संस्कृति के अनूठे रंग में रंगा नजर आएगा। समिति ने सभी उदयपुरवासियों से इस ‘पंच परिवर्तन’ अभियान का हिस्सा बनने का आह्वान किया है।
About Author
You may also like
Arijit Singh: How Residents of Jiaganj See the Singer in His Hometown
जम्मू कश्मीर में हुई चोरी के मामले में उदयपुर भाजपा नेता के भाई को पुलिस ने क्यों पकड़ा?
उदयपुर पुलिस का त्रिकोणीय प्रहार : हनी ट्रैप गिरोह, ड्रग्स माफिया और फरार लुटेरा गिरफ्तार
उदयपुर में हनीट्रैप का खौफ : सोशल मीडिया वाली ‘दोस्त’ निकली किडनैपर; रात भर कार में बंधक बनाकर की लूटपाट
जनगणना 2027 : उदयपुर में आज से शुरू हुई स्व-गणना, मोबाइल से घर बैठे दर्ज कर सकेंगे मकानों का विवरण
