
उदयपुर। झीलों की नगरी उदयपुर के ऐतिहासिक भारतीय लोक कला मंडल में 24 मई (रविवार) को एक नया इतिहास रचा गया। “द मॉरल शॉपी” के तत्वावधान में आयोजित भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम ने कला मंडल के हर कोने को अपनी गूंज से सराबोर कर दिया। सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक चले इस कला के महासंगम में 100 से अधिक प्रतिभागियों ने मंच पर अपना हुनर दिखाया, जिसे देखने के लिए 500 से अधिक दर्शकों की भारी मौजूदगी रही।
इस अद्भुत आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि इसमें उदयपुर और चित्तौड़गढ़ के अलावा गुजरात, महाराष्ट्र और सात समंदर पार ऑस्ट्रेलिया तक के प्रतिभावान कलाकारों ने हिस्सा लेकर इसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर का बना दिया।
शानदार आगाज़: ईश वंदना और लोक नृत्यों की धूम
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 8 बजे पारंपरिक वंदना और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पिंकी मंडावत एवं रश्मि पगारिया उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम की शुरुआत ‘द मॉरल शॉपी’ की ब्रांड एम्बेसडर मॉरल मेहता की धमाकेदार प्रस्तुति से हुई। उन्होंने मंच पर भवाई, चरी और कालबेलिया नृत्य का ऐसा समां बांधा कि पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। इसके पश्चात मयूरा मेहता, कविता मारु और प्रणिता मेहता ने सुमधुर गीतों के साथ ईश वंदना की। कार्यक्रम परिसर में दर्शकों के लिए विभिन्न प्रकार की स्टॉल्स भी आकर्षण का केंद्र रहीं।
‘स्वरांजली’ में गूंजे लता-आशा के तराने, मातृशक्ति का हुआ सम्मान
उत्सव के प्रथम चरण में सुर कोकिला लता मंगेशकर जी और आशा भोंसले जी को समर्पित गायन प्रतियोगिता ‘स्वरांजली’ का आयोजन किया गया, जिसकी मुख्य निर्णायक प्रख्यात रेनू सिरोया थीं। सुरों के इस कड़े मुकाबले में डॉ. हर्षा निभानी ने प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी गायकी का लोहा मनवाया, जबकि पूनम पालीवाल ने द्वितीय स्थान और राजेलेश हंगर ने तृतीय स्थान हासिल किया। वहीं इस सुरमयी स्पर्धा में मोना कारवां ने चौथा स्थान प्राप्त किया।
इसी चरण के दौरान रचनात्मक चित्रकला प्रतियोगिता और समाज को नई दिशा देने वाली महिलाओं के लिए मातृशक्ति सम्मान समारोह का भी गरिमामयी आयोजन हुआ। इसके साथ ही, निवेदिता बख्शी ने अपने शानदार और ऊर्जावान नृत्य से पूरे पंडाल में रंग जमा दिया।
द्वितीय चरण: 3 से 50 वर्ष के कलाकारों का अनोखा नृत्य महामुकाबला
दोपहर बाद शुरू हुआ कार्यक्रम का दूसरा चरण अब तक का सबसे भव्य और यादगार हिस्सा साबित हुआ। 4 घंटे चली इस नृत्य प्रतियोगिता में 3 साल के नन्हे बच्चों से लेकर 50 साल तक की उत्साही महिलाओं ने एक ही मंच पर अपनी कला का प्रदर्शन किया। इस सफल आयोजन के पीछे आजाद बोलिया, द मॉरल शॉपी की अध्यक्षा रेनू बोलिया और कमल मेहता का विशेष और सराहनीय सहयोग रहा।
इस सत्र में मुख्य निर्णायक की भूमिका प्रतिभा मेहता ने निभाई। कार्यक्रम में ऋतु मारु, किरण बल, इंस्टाग्राम फेम ‘भाई’ रमा शर्मा, रेनू गोरे, सीमा पाल, महक सनाढ्य, सरिता कावड़िया, बलदीप कौर और सुनीता सिंघवी जैसी कई गणमान्य हस्तियां बतौर अतिथि मौजूद रहीं, जिन्हें उपर्णा, गिफ्ट और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।
नृत्य प्रतियोगिता के ग्रुप डांस सेगमेंट में ‘सुर संगम’ ग्रुप के माइनर क्लासिकल, माइनर सेमी-क्लासिकल और जूनियर ग्रुप कथक ने अपने अद्भुत तालमेल से पहला स्थान पाया, वहीं सीनियर फॉक डांस श्रेणी में गुरुनानक स्कूल के ग्रुप ने बाजी मारी। इसके अलावा लगभग 70 सोलो (एकल) प्रस्तुतियां हुईं, जिनमें चहक, दियारा, आयुषी, धानवी, सांनवी, आराध्या, गरिमा, कविता, कृष्णवेणी, काव्या, रंजना और जेनिशा ने अपने-अपने वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा को साबित किया।
रैंप वॉक और ‘राजा हरिश्चंद्र’ नाटिका ने जीता दिल
शाम के सत्र में तब रोमांच और बढ़ गया जब कई प्रतिभागियों ने मंच पर शानदार कैट वॉक और रैंप वॉक किया। इनमें उर्वी मेहता, निकिता सोनी, अंबिका और रचना मुख्य आकर्षण रहीं। इसके बाद रेनू सिरोया और अंबिका मेहता द्वारा अभिनीत ‘राजा हरिश्चंद्र नाटिका’ के जीवंत मंचन ने दर्शकों को भावुक कर दिया।
“छिपी प्रतिभाओं को मंच देना ही हमारा उद्देश्य” — मयूरा मेहता
कार्यक्रम की मुख्य आयोजिका मयूरा मेहता ने भावुक होते हुए कहा, “उदयपुर और इसके आस-पास के क्षेत्रों में ऐसी कई छिपी हुई प्रतिभाएं हैं, जिन्हें अब तक कोई बड़ा मंच नहीं मिल पाया था। ‘द मॉरल शॉपी’ आज उन्हीं प्रतिभाओं को आगे लाने का एक सशक्त माध्यम बन चुका है।” उन्होंने अंत में सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और दर्शकों का आभार व्यक्त किया।
शो की गरिमा को बढ़ाते हुए प्रत्येक प्रतिभागी को ट्रॉफी और सर्टिफिकेट प्रदान कर उनका मनोबल बढ़ाया गया। दर्शकों के फीडबैक के अनुसार, उदयपुर में विभिन्न राज्यों और देशों की कला का ऐसा भव्य समागम पहली बार देखने को मिला है।
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