उदयपुर। ट्रेंड नर्सेज एसोसिएशन ऑफ इंडिया (TNAI) की राजस्थान शाखा और गीतांजलि विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को गीतांजलि विश्वविद्यालय परिसर स्थित नर्मदा देवी अग्रवाल ऑडिटोरियम में राज्य स्तरीय नर्सिंग सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का मुख्य विषय ‘इमर्जिंग इंटेलिजेंस एंड डिजिटल हेल्थ: रीडिजाइनिंग नर्सिंग थ्रू टेक्नोलॉजी, रिसर्च एंड इनोवेशन’ रहा।

सम्मेलन में प्रदेश भर के 150 से अधिक नर्सिंग कॉलेजों के प्राचार्यों और 1,000 से अधिक प्रतिभागियों ने शिरकत की। नर्सिंग शिक्षा, डिजिटल हेल्थ और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उत्कृष्ट बुनियादी ढांचे के चलते गीतांजलि विश्वविद्यालय इंडियन नर्सिंग काउंसिल (INC) और टीएनएआई की पहली पसंद बना।
नर्सें स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़, मानवीय स्पर्श का कोई विकल्प नहीं: वासुदेव देवनानी
समारोह के मुख्य अतिथि राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा:
वैश्विक पहचान: राजस्थान और भारत की नर्सें अपनी दक्षता, कार्यकुशलता और सेवाभाव के दम पर विदेशों में भी अपनी विशिष्ट पहचान बना रही हैं।
बदलता स्वरूप: वर्तमान समय में नर्सिंग केवल मरीज की देखभाल तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य शिक्षा, नवाचार, अनुसंधान और आधुनिक तकनीक के उपयोग में भी नर्सों की भूमिका अग्रणी हो गई है।
विशिष्ट अतिथि एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा:
मानवीय संवेदना सर्वोपरि: चिकित्सा विज्ञान चाहे कितना भी आगे निकल जाए, लेकिन मरीज की देखभाल में संवेदना, समर्पण और मानवीय स्पर्श का कोई विकल्प नहीं हो सकता।
कठिन परिस्थितियों में सेवा: विषम और चुनौतीपूर्ण हालात में भी नर्सिंगकर्मी मरीजों के साथ खड़े रहकर स्वास्थ्य ढांचे को मानवीय आधार प्रदान करते हैं।
तकनीक कितनी भी बढ़े, संवेदनशीलता ही नर्सिंग की असली ताकत: जे.पी. अग्रवाल
गीतांजलि विश्वविद्यालय के चेयरमैन जे.पी. अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा:
महामारी में अदम्य साहस: कोरोना काल में नर्सिंगकर्मियों ने जिस साहस, अनुशासन और समर्पण के साथ काम किया, वह चिकित्सा जगत के लिए प्रेरणादायी है।
एआई और मानवीय सेवा का संतुलन: उन्होंने रेखांकित किया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल तकनीकों के दौर में भी नर्सिंग की वास्तविक आत्मा मानवीय संवेदनशीलता और सेवाभाव में ही निहित है।
टीएनएआई राजस्थान शाखा के अध्यक्ष डॉ. जोगेंद्र शर्मा ने संगठन द्वारा चलाए जा रहे सतत नर्सिंग शिक्षा मॉड्यूल और 60 से अधिक वेबिनारों की जानकारी देते हुए नर्सिंग समुदाय को आधुनिक तकनीकी बदलावों से अपडेट रहने का आह्वान किया।
52 शोध पत्र प्रस्तुत, 19 पोस्टरों का हुआ प्रदर्शन
सम्मेलन के दौरान अकादमिक और शोध गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से व्यापक प्रस्तुतियां दी गईं:
नर्सिंग फैकल्टी और शोधार्थियों द्वारा कुल 52 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए।
19 शोध पत्रों को विजुअल पोस्टर के माध्यम से प्रदर्शित किया गया।
कार्यक्रम में गीतांजलि विश्वविद्यालय के वाइस चेयरमैन कपिल अग्रवाल, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अंकित अग्रवाल, वाइस चांसलर डॉ. राकेश कुमार व्यास, रजिस्ट्रार डॉ. अरविंद कुमार यादव तथा गीतांजलि कॉलेज एंड स्कूल ऑफ नर्सिंग के डीन डॉ. विजय अजमेरा सहित बड़ी संख्या में चिकित्सा व नर्सिंग विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
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