उदयपुर नगर निगम चुनाव : वार्ड-5 में आकाश वागरेचा की जमीनी मोर्चाबंदी, ‘मेयर की रेस’ की अटकलों पर लगाया विराम

उदयपुर। झीलों की नगरी में नगर निगम चुनाव का बिगुल बजते ही वार्ड नंबर 5

फोटो : कमल कुमावत

उदयपुर। झीलों की नगरी में नगर निगम चुनाव का बिगुल बजते ही वार्ड नंबर 5 की सियासी चौसर पर बिसात बिछ चुकी है। भाजपा के मजबूत गढ़ माने जाने वाले इस वार्ड से पार्टी प्रत्याशी आकाश वागरेचा किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। शहर में एक प्रतिष्ठित कारोबारी, भाजपा के सक्रिय चेहरे और पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया के नजदीकी रिश्तेदार के रूप में उनकी पहचान पहले से स्थापित है। ऐसे में इस वार्ड में उनकी मजबूत पकड़ स्वाभाविक मानी जा रही है।

मुकाबले की बात करें तो कांग्रेस ने यहां से रवि सुखवाल को मैदान में उतारकर घेराबंदी की कोशिश की है। हालांकि, सियासी इतिहास गवाह है कि यह क्षेत्र परंपरागत रूप से भाजपा का अजेय दुर्ग रहा है। पिछले तीन दशकों के दौरान केवल कांग्रेस नेता रहे अजय कुशवाहा ने बतौर निर्दलीय यहां सेंध लगाई थी, जबकि एक बार और कांग्रेस को जीत मिली; बाकी हर चुनाव में मतदाताओं ने भाजपा पर ही भरोसा जताया है।

साधारण चौतरी पर जनसंवाद, जमीन से जुड़ने की रणनीति

चुनावी नब्ज टटोलने जब हमारी टीम मौके पर पहुंची, तो सियासी तामझाम और भारी-भरकम लश्कर के बजाय आकाश वागरेचा अपने निवास के पास ही एक साधारण पत्थर की चौतरी पर स्थानीय लोगों के बीच बैठे मिले। मंझे हुए राजनेताओं की तरह चिकनी-चुपड़ी और लच्छेदार बयानबाजी करने के बजाय वे सहज और सीधे अंदाज में मतदाताओं से संवाद करते दिखे। वार्ड के बाशिंदों के साथ उनका जीवंत और सीधा संपर्क साफ नजर आ रहा था।

वार्ड के लिए विजन : ‘आयड़ की रिटेनिंग वॉल और स्वच्छता पहली प्राथमिकता’

जब हमने वागरेचा से उनके चुनावी एजेंडे और विजन को लेकर सवाल किया, तो उन्होंने स्पष्ट और दो-टूक शब्दों में अपनी प्राथमिकताएं गिनाईं:

समस्या समाधान: वार्ड के आमजन और पार्टी कार्यकर्ताओं की हर छोटी-बड़ी समस्या का त्वरित निस्तारण पहली प्राथमिकता होगी।

स्वच्छता व स्वास्थ्य: निगम का मूल कार्य स्वच्छता और जनस्वास्थ्य से जुड़ा है, इसलिए पूरे क्षेत्र को साफ-सुथरा और कचरामुक्त बनाया जाएगा।

आयड़ नदी पर रिटेनिंग वॉल: क्षेत्र आयड़ नदी के मुहाने पर बसा है, जिससे तेज बहाव के दौरान बस्तियों और घरों में पानी भरने का गंभीर खतरा रहता है। नदी किनारे मजबूत रिटेनिंग वॉल का निर्माण हर हाल में कराया जाएगा।

भूपालपुरा ग्राउंड का रख-रखाव: तकनीकी रूप से यह ग्राउंड वार्ड सीमा से बाहर है, लेकिन इसी क्षेत्र की धड़कन होने के नाते इसके बेहतर रख-रखाव और विकास का बीड़ा उठाया जाएगा।

बुनियादी सुविधाएं व सुरक्षा: नियमित जलापूर्ति, स्ट्रीट लाइट, महिला सुरक्षा और वरिष्ठ नागरिकों के सम्मानजनक माहौल के लिए वार्ड स्तर पर ठोस काम होगा।

वागरेचा ने यह भी जोड़ा, “हम केवल वादे नहीं करेंगे, काम करके दिखाएंगे। यदि कहीं कोई कमी रही, तो उसकी सीधी जवाबदेही और जिम्मेदारी भी मेरी होगी।”

महापौर की दौड़ में नहीं — अटकलों पर दो-टूक जवाब

शहर के सियासी गलियारों में चल रही उन चर्चाओं पर—कि कारोबारी पृष्ठभूमि से आने वाले नेता पार्षद की आड़ में महापौर की कुर्सी साध रहे हैं—वागरेचा ने पूरी तरह विराम लगा दिया। महापौर पद की दावेदारी को लेकर पूछे गए सीधे सवाल पर उन्होंने साफ कहा कि वे किसी भी सूरत में महापौर पद के प्रत्याशी नहीं हैं; उनका पूरा ध्यान केवल अपने वार्ड की सेवा और जनसमस्याओं के समाधान पर केंद्रित है।

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