
उदयपुर। उदयपुर नगर निगम के 80 वार्डों सहित जिले की दो नगर पालिकाओं (मावली और कानोड़) में शुक्रवार सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हो गया है। शहरभर में बनाए गए 413 पोलिंग बूथों पर सुबह से ही मतदाताओं की कतारें नजर आने लगी हैं। इस चुनाव में कुल 220 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला होना है, जिनमें भाजपा और कांग्रेस के 160 उम्मीदवारों के अलावा भारत आदिवासी पार्टी (बाप), माकपा और निर्दलीय शामिल हैं। कुल 80 में से 39 वार्डों में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधी भिड़ंत है।
मेयर पद अनारक्षित होने से दिग्गज मैदान में
इस बार नगर निगम में महापौर (मेयर) का पद ‘अनारक्षित’ होने के कारण दोनों प्रमुख दलों के कई वरिष्ठ चेहरे खुद पार्षद का चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा खेमे से मेयर पद के मजबूत दावेदार माने जा रहे प्रमोद सामर, पारस सिंघवी, दिनेश भट्ट और अतुल चंडालिया मैदान में डटे हैं। वहीं, कांग्रेस की ओर से हितांशी शर्मा, शंकर चंदेल, अरुण टांक और पूनम कुंवर जैसे प्रमुख चेहरे अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
चुनावी कार्यक्रम व युवा मतदाताओं की भूमिका
मतगणना व परिणाम: 14 सितंबर
महापौर (मेयर) चुनाव: 21 सितंबर
उपमहापौर (डिप्टी मेयर) चुनाव: 22 सितंबर
बीते 30 वर्षों में 6 बार नगर निगम पर काबिज रहने वाली भाजपा अपना गढ़ बचाने में जुटी है, वहीं कांग्रेस नए समीकरणों के सहारे उलटफेर की कोशिश में है। नगर निगम क्षेत्र में 35 प्रतिशत मतदाता 35 वर्ष से कम आयु के हैं, ऐसे में युवा वोटरों का रुझान चुनाव परिणाम तय करने में निर्णायक साबित होगा।
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