उदयपुर में CID और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई : अवैध रूप से रह रही 3 थाईलैंड मूल की महिलाएं डिटेन, स्पा की आड़ में खेल, होटल मालिक पर गिरेगी गाज

उदयपुर। झीलों की नगरी उदयपुर में बिना वैध दस्तावेजों के अवैध रूप से रह रही विदेशी नागरिकों पर सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ा शिकंजा कसा है। जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देशानुसार उदयपुर पुलिस और सीआईडी (विशेष शाखा) की संयुक्त टीम ने गोवर्धन विलास थाना क्षेत्र स्थित एक होटल पर छापा मारकर थाईलैंड मूल की 3 महिलाओं को हिरासत में लिया है। पकड़ी गई महिलाओं के वीजा-पासपोर्ट की मियाद खत्म हो चुकी थी। पुलिस अब इन तीनों विदेशी नागरिकों को भारत से डिपोर्ट (निष्कासित) करने की विधिक प्रक्रिया में जुट गई है।

यह पूरी कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) मुकुल शर्मा के सुपरविजन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (विदेशी पंजीयन अधिकारी) डॉ. विक्रम सिंह के नेतृत्व में अंजाम दी गई।

काउंटर इंटेलिजेंस की इनपुट पर होटल ‘सिटी प्राइड’ में छापा

सीआईडी की काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट को 19 अक्टूबर 2026 को पुख्ता सूचना मिली थी कि गोवर्धन विलास क्षेत्र स्थित होटल सिटी प्राइड में कुछ विदेशी महिलाएं बिना किसी वैध दस्तावेज के ठहरी हुई हैं और संदिग्ध व अनैतिक गतिविधियों में संलिप्त हैं।

सूचना की पुष्टि होते ही सीआईडी विशेष शाखा और गोवर्धन विलास थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने होटल में दबिश दी:

कमरों की तलाशी: पुलिस टीम ने होटल के कमरा नंबर 102, 103, 104 और 109 की सघन तलाशी ली, जहां ये तीनों थाई महिलाएं मौजूद मिलीं।

रजिस्टर से गायब मिली एंट्री: जब पुलिस ने होटल के विजिटर/गेस्ट रजिस्टर की जांच की, तो उसमें इन विदेशी नागरिकों के ठहरने, पहचान पत्र या ‘सी-फॉर्म’ से संबंधित कोई भी प्रविष्टि (Entry) दर्ज नहीं थी।

स्पा की आड़ में संचालन: पूछताछ के दौरान होटल संचालक ने स्वीकार किया कि वह इन विदेशी महिलाओं के जरिए होटल में स्पा सेंटर की आड़ में गतिविधियां संचालित करवा रहा था।

वीजा खत्म, एक महिला पहले भी हो चुकी थी डिपोर्ट; नेपाल सीमा से दोबारा घुसी
दस्तावेजों की जांच में बेहद चौंकाने वाले तथ्य सामने आए-अवैध प्रवास: तीनों महिलाओं के वीजा और पासपोर्ट की वैध अवधि समाप्त हो चुकी थी, इसके बावजूद वे गैर-कानूनी ढंग से शहर में रह रही थीं।

नेपाल बॉर्डर से अवैध घुसपैठ: पुलिस रिकॉर्ड की पड़ताल से खुलासा हुआ कि पकड़ी गई महिलाओं में से एक को पहले भी भारत से डिपोर्ट किया जा चुका था। इसके बावजूद वह नेपाल सीमा के रास्ते अवैध रूप से दोबारा भारत में दाखिल हुई और उदयपुर पहुंच गई।

होटल संचालक के खिलाफ फॉरेनर्स एक्ट में केस, सुरक्षा पर उठे सवाल

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. विक्रम सिंह ने मामले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए कहा-विदेशी नागरिकों का बिना आधिकारिक दस्तावेज, बिना पुलिस सत्यापन और बिना वैध वीजा के इस तरह छिपकर रहना राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से बेहद संवेदनशील और खतरनाक है। इस प्रकार की गतिविधियों के राष्ट्रविरोधी नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

इमीग्रेशन एक्ट में मुकदमा : होटल प्रबंधन द्वारा बरती गई घोर लापरवाही और नियमों के उल्लंघन को लेकर संचालक के विरुद्ध इमीग्रेशन एवं फॉरेनर्स एक्ट की सुसंगत धाराओं—धारा 7(2) व धारा 29 के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

होटल-रिसॉर्ट संचालकों को कड़े निर्देश

इस कार्रवाई के तुरंत बाद पुलिस व सीआईडी प्रशासन ने उदयपुर के सभी होटल, रिसॉर्ट, होमस्टे और विला संचालकों को सख्त चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने दो टूक निर्देश दिए हैं कि किसी भी विदेशी नागरिक को ठहराते समय इमीग्रेशन एवं फॉरेनर्स एक्ट के नियमों व ऑनलाइन ‘सी-फॉर्म’ भरने की अनिवार्यता का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए। नियमों की अनदेखी या जानकारी छिपाने वाले संस्थानों के खिलाफ लाइसेंस निरस्तीकरण सहित सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

कार्रवाई में शामिल टीम : इस सफल ऑपरेशन में सीआईडी (विशेष शाखा) की ओर से पुलिस निरीक्षक प्रभारी अनिता शर्मा, पुलिस निरीक्षक अरविन्द कुमार सालवी, धर्मेन्द्र कुमार, नरेश चौबीसा व यग्नेश कुमार शामिल रहे। वहीं, गोवर्धन विलास थाने से थानाधिकारी सुनील चारण, अर्जुनलाल, धर्मवीर सिंह और अंकित सिंह ने सराहनीय भूमिका निभाई।

 

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