कोटा/मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर मुंबई के जुहू में हुई ताबड़तोड़ फायरिंग मामले में राजस्थान की कोटा पुलिस ने अहम खुलासे किए हैं। कोटा सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम ने सोमवार दोपहर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि वारदात को अंजाम देने के बाद पकड़े गए संदिग्धों में से एक शूटर कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के करीबी सहयोगी अनिल पंडित के सीधे संपर्क में था। इसके अलावा यह भी सामने आया है कि तीनों आरोपी ट्रेन से दिल्ली पहुंचकर वहां से अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर नेपाल भागने की फिराक में थे।
उल्लेखनीय है कि हमले के कुछ ही घंटों बाद अनिल पंडित नाम के शख्स ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर इस हमले की जिम्मेदारी ली थी, जो अब पुलिस जांच का अहम हिस्सा है।
15 मिनट में बिछाया जाल, पुणे-जयपुर एक्सप्रेस से दबोचे गए
कोटा सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम के अनुसार, पूरी कार्रवाई बेहद सटीक और त्वरित इनपुट पर आधारित रही:
सुबह 9:45 बजे मिला इनपुट: पुलिस को सूचना मिली कि टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस के मुख्य संदिग्ध पुणे-जयपुर एक्सप्रेस (12939) के जनरल कोच में सवार हैं और जल्द ही कोटा पहुंचने वाले हैं।
स्टेशन की घेराबंदी: सूचना मिलते ही कोटा पुलिस, जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीमों ने रेलवे स्टेशन के सभी निकास द्वारों, प्लेटफॉर्मों और आउटर इलाकों को घेर लिया।
ट्रेन रुकते ही दबिश: सुबह करीब 10:18 बजे ट्रेन के रुकते ही पुलिस जवानों ने जनरल बोगी में सर्च ऑपरेशन चलाकर तीनों संदिग्धों को हिरासत में ले लिया।
आरोपियों की पहचान और प्रोफाइल
पकड़े गए तीनों आरोपियों में दो बालिग और एक नाबालिग शामिल है:
रेहान उर्फ सुक्का: निवासी सोनीपत, हरियाणा। प्राथमिक पूछताछ में सामने आया है कि रेहान ही सीधे तौर पर लॉरेंस बिश्नोई के गुर्गे अनिल पंडित के संपर्क में था। वह सोनीपत में मजदूरी का काम करता था।
ऋतिक कुर्मी उर्फ रोशन (उम्र 22 साल): मूलतः बेगूसराय (बिहार) का निवासी, जो पिछले कुछ वर्षों से मुंबई के अंधेरी वेस्ट में रहकर बाइक कैब (रैपिडो) चलाता था।
एक नाबालिग (उम्र 17 साल): यह भी हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला है।
दिल्ली के रास्ते नेपाल भागने का था प्लान, हथियार बरामदगी बाकी
एसपी तेजस्विनी गौतम ने बताया कि प्राथमिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उनका इरादा ट्रेन से पहले दिल्ली पहुंचने का था, जहां से वे बस या सड़क मार्ग के जरिए नेपाल फरार होने की योजना बना रहे थे।
हथियारों की तलाश: पुलिस ने स्पष्ट किया कि गिरफ्तारी के वक्त आरोपियों के पास से हमले में इस्तेमाल किए गए हथियार बरामद नहीं हुए हैं। पूछताछ की जा रही है कि उन्होंने हथियार मुंबई में ही कहीं छिपाए हैं या रास्ते में ठिकाने लगाए हैं।
मुंबई पुलिस को सुपुर्दगी: मुंबई पुलिस के 5 अधिकारियों की विशेष टीम कोटा पहुंच चुकी है। कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद तीनों को ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई पुलिस के हवाले किया जा रहा है, जहां उनसे आगे की गहन पूछताछ होगी।
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