बजट 2026 : टैक्स स्लैब नहीं बदला, लेकिन बदल गए ये 5 बड़े नियम, जानिए आपकी जेब पर क्या होगा असर

 

नई दिल्ली | वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट 2026 पहली नज़र में “बिना बदलाव” वाला लग सकता है, लेकिन बारीकी से देखने पर पता चलता है कि सरकार ने निवेश, ट्रेडिंग और विदेश में पढ़ाई से जुड़े कई अहम नियमों को पूरी तरह बदल दिया है। यहाँ वे 5 बड़े बदलाव दिए गए हैं, जिन्हें जानना हर नागरिक के लिए ज़रूरी है।

1. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB): अब मुनाफ़े पर देना होगा टैक्स
अभी तक SGB को मैच्योरिटी तक रखने पर मिलने वाला ‘कैपिटल गेन्स’ टैक्स फ्री था, चाहे आपने इसे कहीं से भी खरीदा हो।

बदलाव : अब सेकेंडरी मार्केट (BSE/NSE) से खरीदे गए गोल्ड बॉन्ड पर टैक्स छूट खत्म कर दी गई है।

असर : 1 अप्रैल 2026 के बाद, अगर आप एक्सचेंज से खरीदे गए बॉन्ड को मैच्योरिटी तक रखते हैं, तो मुनाफे पर टैक्स देना होगा। छूट केवल तभी मिलेगी जब आपने इसे सीधे RBI के प्राइमरी इश्यू के समय खरीदा हो।

2. शेयर बाजार : F&O ट्रेडिंग हुई महंगी (STT बढ़ा)
रिटेल निवेशकों को सट्टेबाज़ी से बचाने के लिए सरकार ने डेरिवेटिव्स (Futures & Options) पर STT (Security Transaction Tax) बढ़ा दिया है।

फ्यूचर्स (Futures) : टैक्स 0.02% से बढ़ाकर 0.05% किया गया।

ऑप्शंस (Options) : टैक्स 0.10% से बढ़ाकर 0.15% किया गया।

असर : अब हर 1 लाख के सौदे पर आपको ₹20 की जगह ₹50 टैक्स देना होगा, जिससे ट्रेडिंग की लागत बढ़ जाएगी।

3. NRI से प्रॉपर्टी खरीदना हुआ आसान
पहले NRI से संपत्ति खरीदते समय टीडीएस (TDS) काटने के लिए खरीदार को TAN नंबर लेना पड़ता था, जो एक जटिल प्रक्रिया थी।

बदलाव : अब खरीदारों को TAN की ज़रूरत नहीं होगी।

असर : अब आप अपने सामान्य PAN कार्ड का उपयोग करके ही टीडीएस काट सकेंगे। इससे कागजी कार्रवाई कम होगी और आम खरीदारों को बड़ी राहत मिलेगी।

4. क्रिप्टो एसेट्स : जानकारी छुपाने पर लगेगा भारी जुर्माना
क्रिप्टो में निवेश करने वालों पर अब सरकार की सख्त नज़र है। जानकारी छुपाना या गलत जानकारी देना अब महंगा पड़ेगा।

बदलाव : 1 अप्रैल 2026 से ट्रांजैक्शन की जानकारी नहीं देने पर ₹200 रोज़ाना की पेनल्टी लगेगी।

जुर्माना : गलत जानकारी देने और उसे ठीक न करने पर ₹50,000 तक का जुर्माना लग सकता है।

5. विदेश में पढ़ाई और इलाज: अब भेजना होगा कम टैक्स (TCS राहत)
अगर आप विदेश में पढ़ाई कर रहे बच्चे को पैसे भेजते हैं या विदेश में इलाज करा रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है।

बदलाव : लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत 10 लाख रुपये से अधिक की राशि भेजने पर लगने वाला TCS 5% से घटाकर 2% कर दिया गया है।

असर : विदेश में पढ़ने वाले छात्रों के लिए फंड भेजना अब पहले के मुकाबले सस्ता हो जाएगा। (ध्यान दें: यह जमा टैक्स बाद में ITR फाइल करते समय एडजस्ट किया जा सकता है)।

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