
उदयपुर। अपनी मैडम की स्मृति में जब परिवार के लोगों ने उसी स्कूल के बच्चों को भोजन करवाया, जहां वो पढ़ाती थीं। बच्चों ने भोजन तो किया, लेकिन उससे पहले मैडम निशी सिंघवी को याद कर बच्चों की आंखों से आंसू निकल आए। स्टाफ की भी आंखें भर आईं। यह कहानी है, जिंक चौराहा देबारी स्थित सरकारी स्कूल की। पिछले साल इस स्कूल की टीचर निशी सिंघवी पत्नी एडवोकेट अशोक सिंघवी का आकस्मिक निधन हो गया था।

बच्चे और स्टाफ के लोग आज भी अपनी टीचर की यादों को संजोए हुए हैं। जब स्कूल में कोई कार्यक्रम होता है, निशी मैडम को जरूर याद किया जाता है। निशी के परिवार के लोग भी इस स्कूल से दिल से जुड़े हुए हैं। उनकी स्मृति में स्कूल में हुए कार्यक्रम में एक बच्चे ने अपनी मैडम को याद करते हुए कहा – वो बच्चों को अच्छा पढ़ाती थीं, लेकिन उनको गिनती नहीं आती थी, क्योंकि हम जब भी उनसे कोई एक चीज मांगते थे, वो हमें दो देती थीं। ऐसी थीं हमारी निशी मैडम।
About Author
You may also like
-
इस्लामाबाद में बातचीत की मेज पर मिनाब हमले का दर्द लेकर पहुंचे ईरानी स्पीकर
-
इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान वार्ता : महा-संवाद शुरू, जानें दोनों देशों के वे ताकतवर चेहरे जिन पर टिकी है दुनिया की नजर
-
लेबनान पर हमलों से अमेरिका-ईरान युद्धविराम संकट में : ईरान ने जताई कड़ी आपत्ति, इजरायल के साथ सीधी बातचीत के संकेत
-
युद्धविराम की क्या है कहानी…हमला करने की तय सीमा से 90 मिनट पहले क्या हुआ…क्या से क्या हो गए तेल के भाव…यहां पढ़िए पूरी खबर
-
महायुद्ध से दुनिया की नींद उड़ी : ट्रंप की सभ्यता मिटाने वाली धमकी और कुछ घंटों का इंतजार