ईरान युद्ध लाइव अपडेट : तेहरान के सरकारी ठिकानों पर चौतरफा हमले; ट्रंप ने दी परमाणु ‘धूल’ सौंपने की चेतावनी, कुवैत में भारतीय की मौत

मुख्य घटनाक्रम : तेहरान पर भीषण हमले और कुवैत में हताहत

ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच युद्ध एक विनाशकारी मोड़ पर पहुँच गया है। इजरायली सेना ने पुष्टि की है कि वह वर्तमान में तेहरान के भीतर ईरानी सरकार के बुनियादी ढांचे पर चौतरफा हमले कर रही है।

कुवैत में भारतीय की मौत : ईरान द्वारा कुवैत के एक पावर और डिसालिनेशन प्लांट (बिजली और जल शोधन संयंत्र) पर किए गए हमले में एक भारतीय श्रमिक की जान चली गई है। खाड़ी देशों ने कई ईरानी ड्रोन और मिसाइलों को मार गिराने का दावा किया है।

शैक्षणिक संस्थानों पर हमले : तेहरान यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी पर बिना किसी चेतावनी के बमबारी की गई, जिसे विशेषज्ञों ने “जायज प्रतिशोध” की सीमाओं का उल्लंघन बताया है।

राष्ट्रपति ट्रंप के रणनीतिक बयान और ‘तेल’ पर दांव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एयर फ़ोर्स वन से दिए बयानों में अपनी युद्ध नीति स्पष्ट कर दी है-ट्रंप ने दोटूक शब्दों में कहा कि वह “ईरान का तेल लेना चाहते हैं”। उन्होंने ईरान के मुख्य निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप को जब्त करने के संकेत दिए हैं, जो ईरान के 90% तेल राजस्व का स्रोत है।

परमाणु चेतावनी : ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि ईरानी नेतृत्व परमाणु हथियार नहीं त्यागता, तो “उनके पास अपना देश भी नहीं बचेगा।” * शासन परिवर्तन का दावा: ट्रंप का मानना है कि ईरान का वर्तमान नेतृत्व “लगभग खत्म” हो चुका है और अमेरिका ने प्रभावी रूप से वहां ‘रिजीम चेंज’ (सत्ता परिवर्तन) हासिल कर लिया है।

वैश्विक ऊर्जा संकट और आर्थिक प्रभाव

युद्ध के कारण दुनिया भर में कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित हुई है और मुद्राएं कमजोर हो रही हैं-दक्षिण कोरियाई वोन 17 साल के निचले स्तर (1,515 प्रति डॉलर) पर पहुँच गया है। जापानी येन और सिंगापुर डॉलर भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगातार कमजोर हो रहे हैं।

फिलीपींस की आपातकालीन खरीद : फिलीपींस ने ईंधन की भारी कमी से बचने के लिए “अत्यधिक आवश्यकता” के तहत रूस से 25 लाख बैरल कच्चा तेल खरीदा है। वहां 28 फरवरी से अब तक ईंधन की कीमतें दोगुनी हो चुकी हैं।

ऑस्ट्रेलिया में राहत पैकेज : प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने जनता को महंगाई से बचाने के लिए ईंधन पर लगने वाले टैक्स (Excise) को आधा कर दिया है।

सैन्य तैनाती और जमीनी युद्ध की आहट : वॉशिंगटन से मिली खबरों के अनुसार, अमेरिका ने मध्य पूर्व में भारी सैन्य जमावड़ा शुरू कर दिया है- 3,500 से अधिक नौसैनिकों के साथ यह युद्धपोत क्षेत्र में पहुंच चुका है।

रैपिड रिस्पांस यूनिट : कैलिफोर्निया से ‘मरीन एक्सपीडिशनरी यूनिट’ और ’82nd एयरबोर्न डिवीजन’ (विशेष अभियानों के लिए प्रसिद्ध) को भी तैनात किया जा रहा है।

हालांकि ट्रंप ने “जमीनी सैनिकों” (Boots on the ground) के सवाल पर सीधे जवाब नहीं दिया, लेकिन उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास “कई विकल्प” मौजूद हैं।

क्षेत्रीय संघर्ष और धार्मिक तनाव : हिजबुल्लाह के हमले: लेबनानी समूह हिजबुल्लाह ने उत्तरी इजरायल के गांवों और सैन्य बैरकों पर रॉकेट और ड्रोन से हमले तेज कर दिए हैं।

यरूशलेम में विवाद : इजरायली पुलिस द्वारा कैथोलिक कार्डिनल को ‘पाम संडे’ की प्रार्थना के लिए चर्च में जाने से रोकने पर अंतरराष्ट्रीय विवाद खड़ा हो गया। इटली की पीएम मेलोनी की कड़ी निंदा के बाद, प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कार्डिनल को तुरंत प्रवेश देने का निर्देश दिया।

स्थिति अत्यधिक तनावपूर्ण है। एक तरफ ट्रंप ईरान के साथ “सफल बातचीत” का दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर तेहरान पर बमबारी और तेल क्षेत्रों पर कब्जे की धमकियां युद्ध के और अधिक फैलने का संकेत दे रही हैं।

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