
उदयपुर। पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का 26 दिसंबर 2024 को दिल्ली के एम्स अस्पताल में निधन हो गया। 92 वर्षीय डॉ. सिंह को शाम के समय सांस लेने में दिक्कत के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।
डॉ. सिंह 2004 से 2014 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे और उन्हें देश में आर्थिक सुधारों के जनक के रूप में जाना जाता है। उनका जन्म 26 सितंबर 1932 को पंजाब के गाह (अब पाकिस्तान) में हुआ था। उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की, साथ ही ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में डॉक्टरेट की उपाधि हासिल की थी।
उनकी तबीयत पिछले कुछ समय से ठीक नहीं थी। 2006 में उनकी दूसरी बाईपास सर्जरी हुई थी, जिसके बाद से वे स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। गुरुवार शाम को सांस लेने में तकलीफ होने पर उन्हें एम्स के इमरजेंसी विभाग में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उनका निधन हो गया।
डॉ. सिंह के निधन पर देशभर में शोक की लहर है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा ने सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि दी है। कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक को बीच में ही रद्द कर दिया गया है, और राहुल गांधी व कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं।
डॉ. मनमोहन सिंह के योगदान को देश हमेशा याद रखेगा। उनकी सरलता, ईमानदारी और आर्थिक नीतियों ने भारत को नई दिशा दी। उनके निधन से देश ने एक महान नेता और विद्वान खो दिया है।
उनके जीवन और कार्यों पर अधिक जानकारी के लिए, आप निम्नलिखित वीडियो देख सकते हैं:
About Author
You may also like
-
भिवाड़ी की वो काली सुबह : जहां धुएं के गुबार में दफन हो गईं सात परिवारों की खुशियां, कंकाल बने अपनों को थैलियों में बटोरता दिखा प्रशासन
-
जमीअतुल कुरैश की राष्ट्रीय कांफ्रेंस में जुटे देशभर के स्कॉलर्स : विभिन्न क्षेत्रों की ख्याति प्राप्त प्रतिभाओं को किया सम्मानित
-
उदयपुर के सिटी पैलेस में गूंजी प्रतिध्वनियां : डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने किया अफ्रीकी अनुष्ठानिक कला प्रदर्शनी का आगाज़
-
उदयपुर : डबल इंजन सरकार ने आदिवासियों के खिलाफ छेड़ रखा है अघोषित युद्ध — वृंदा करात
-
विद्या बंधु संस्थान ने जीती 20वीं गोवर्धन लाल जोशी बाबा मेमोरियल क्रिकेट ट्रॉफी, विद्या भवन सोसायटी को दी शिकस्त