मुंबई | मायानगरी मुंबई के भोजन प्रेमी इस जनवरी एक दुर्लभ और ऐतिहासिक पाक यात्रा के गवाह बनने जा रहे हैं। मुंबई का प्रसिद्ध रेस्टोरेंट ‘इशारा’ (Ishaara), आगामी 22 जनवरी से ‘हेरिटेज एंड रूट्स’ (Heritage and Roots) नामक एक विशेष ‘ट्राइबल फूड पॉप-अप’ की मेजबानी करने जा रहा है। इस उत्सव की सबसे खास बात यह है कि यहाँ भोजन किसी पेशेवर शेफ द्वारा नहीं, बल्कि देश के विभिन्न स्वदेशी समुदायों के सदस्यों द्वारा खुद पकाया और परोसा जाएगा।

चार प्रमुख जनजातियों की पाक कला का प्रदर्शन
यह फूड फेस्टिवल भारत की चार प्रमुख जनजातियों— नेगी (Negi), संथाल (Santhal), कोया (Koya) और कार्बी (Karbi) की समृद्ध परंपराओं पर केंद्रित है। यह आयोजन केवल स्वाद तक सीमित नहीं है, बल्कि एक सांस्कृतिक आदान-प्रदान है। इसमें जनवरी के कटाई उत्सव (Harvest Festivals) जैसे लोसर, मकर संक्रांति, पेड्डा पांडुगा और हाचा केकन के दौरान बनने वाले विशेष व्यंजनों को शामिल किया गया है।
मेन्यू में शामिल होंगे विलुप्तप्राय पारंपरिक व्यंजन
इस महोत्सव में परोसे जाने वाले व्यंजन अपने मूल स्वरूप में होंगे, उन्हें शहरी स्वाद के अनुसार बदला नहीं गया है। मुख्य आकर्षणों में शामिल हैं:
कोया समुदाय: बोर्ड बीन वड़ा और किला नंजु।
नेगी समुदाय: पारंपरिक शैली में तैयार पहाड़ी मोमोज।
संथाल समुदाय: बांस के अंकुरों से तैयार ‘हेल्टा पीठा’ और नए चावल व दाल से बनी ‘लेटो मंडी’।
कार्बी समुदाय: हनमोई और कांगमोई (चावल के साथ)।
मिठाई: स्टिकी राइस खीर और कसावा स्टीम्ड केक।
परंपरा और स्थिरता का संदेश
आयोजकों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य आदिवासी समुदायों की आवाज़, उनकी रसोई और उनके प्राचीन पाक ज्ञान को शहरी डाइनिंग स्पेस में प्रमुखता देना है। यह भोजन प्रकृति के प्रति आभार, सामूहिकता और स्थिरता (Sustainability) के सिद्धांतों पर आधारित है। मुंबई जैसे महानगर में, जहाँ जनजातीय भोजन को अक्सर मुख्यधारा में जगह नहीं मिलती, यह फेस्टिवल एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।
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