मेवाड़ के लाडले डॉ. पलाश कुमावत का जर्मनी से PhD कर उदयपुर लौटने पर भव्य स्वागत

फोटो जर्नलिस्ट : कमल कुमावत

जर्मनी से समुद्री विज्ञान (Marine Sciences) में प्राप्त की डॉक्टरेट की उपाधि; एयरपोर्ट से घर तक हुआ आतिशी अभिनंदन

उदयपुर। उदयपुर शहर के भीतरी इलाके (कोलीवाड़ा) में साधारण परिवार में जन्मे डॉ. पलाश कुमावत ने अपनी प्रतिभा और लगन के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का मान बढ़ाया है। जर्मनी से ‘समुद्री विज्ञान’ (Marine Sciences) में Ph.D. (डॉक्टरेट) की उपाधि प्राप्त करने के बाद पहली बार अपने गृह नगर उदयपुर लौटने पर उनका भव्य और ऐतिहासिक स्वागत किया गया।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहे गए उनके शोध पत्र और इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के बाद डबोक एयरपोर्ट से लेकर उनके निवास स्थान तक आतिशबाजी, ढोल-नगाड़ों और ढोलक की थाप के साथ स्वागत जुलूस निकाला गया।

भगवान चारभुजा नाथ के दर्शन के साथ हुआ अभिनंदन

एयरपोर्ट से डॉ. पलाश को समाज के वरिष्ठ जनों, परिवार और मित्रों के साथ कोलीवाड़ा स्थित निवास स्थान लाया गया। सर्वप्रथम उन्होंने भगवान चारभुजा नाथ मंदिर में शीश नवाया, जिसके बाद विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक और व्यापारिक संगठनों द्वारा अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया।

अध्यक्षता व मुख्य अतिथि: समारोह की अध्यक्षता कुमावत समाज के अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण बबेरीवाल ने की। मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी गजपाल सिंह राठौड़ और शिक्षाविद हरीश शास्त्री उपस्थित रहे।

विशेष अतिथि: मदन मोहन टांक, प्रमोद सामर, लोकेश द्विवेदी, पारस सिंघवी, देवीलाल सालवी और डॉ. पंकज बोराणा सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष पारस सिंघवी ने किया।

बच्चों पर पढ़ाई का दबाव न बनाएं — डॉ. पलाश की भावुक अपील

अपने इस भव्य नागरिक अभिनंदन से अभिभूत होकर डॉ. पलाश कुमावत ने अपनी डॉक्टरेट की उपाधि अपने माता-पिता के चरणों में समर्पित की। इस दौरान उन्होंने अभिभावकों से एक महत्वपूर्ण अपील की:

“अभिभावक अपने बच्चों पर विषय चयन या पढ़ाई का कोई अनावश्यक दबाव न बनाएं। बच्चा जिस क्षेत्र में रुचि (इंटरेस्ट) रखता हो, माता-पिता उसी में उसका आत्मविश्वास बढ़ाएं और साथ खड़े रहें। माता-पिता के अटूट विश्वास का ही नतीजा है कि मैं आज इस मुकाम पर पहुंचा हूँ।”

पिता हरीश कुमावत ने दिया डिप्रेशन से बचाव का संदेश

डॉ. पलाश के पिता हरीश हरीश कुमावत ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि बच्चों से संवाद स्थापित करना बहुत जरूरी है। जब माता-पिता बच्चों की इच्छा और अंतरात्मा को समझकर उनका साथ देंगे, तो बच्चे डिप्रेशन और मानसिक तनाव से मुक्त रहकर अपने जीवन का सही मार्ग चुन सकेंगे।

समारोह में मार्बल एसोसिएशन के अध्यक्ष गजेंद्र सामर, लघु उद्योग भारती से मनोज जोशी, विनायक नवयुवक मंडल, महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष वीना कुमावत सहित शहर के कई व्यापारिक व सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

 

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