
लापरवाही पर होगी कानूनी कार्रवाई
जयपुर/उदयपुर। राजस्थान नगरीय निकाय चुनाव-2026 संपन्न होने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) संगठन ने अपने सभी प्रत्याशियों को निर्वाचन आयोग के नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश जारी किए हैं। पार्टी के विधि प्रकोष्ठ (राजस्थान) ने सभी निकाय प्रभारियों, जिलाध्यक्षों और चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को औपचारिक पत्र भेजकर तय समय-सीमा के भीतर संपूर्ण चुनावी खर्च का ब्योरा जमा कराने को कहा है।
राज्य निर्वाचन आयोग के नियमों के मुताबिक, चुनाव परिणाम घोषित होने के 15 दिनों के भीतर हर अभ्यर्थी को अपने खर्च का पूरा विवरण रिटर्निंग अधिकारी (RO) या प्राधिकृत अधिकारी के समक्ष पेश करना आवश्यक है।
विधि प्रकोष्ठ के उदयपुर संभाग के प्रभारी अशोक सिंघवी ने भाजपा विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक एडवोकेट सौरभ सारस्वत की ओर से जारी पत्र में स्पष्ट किया है कि निकाय चुनाव-2026 के परिणाम 14 सितंबर 2026 को घोषित किए गए थे।
इस आधार पर 15 दिन की वैधानिक अवधि के तहत सभी प्रत्याशियों को 28 सितंबर 2026 तक अपने चुनावी खर्च का अंतिम विवरण अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करना होगा। पत्र में आगाह किया गया है कि तय समय-सीमा के भीतर ब्योरा जमा नहीं करने की स्थिति में निर्वाचन नियमों के तहत अयोग्यता सहित प्रतिकूल कानूनी परिणामों का सामना करना पड़ सकता है।
तय सीमा : जानिए किस निकाय में कितना खर्च कर सकते थे प्रत्याशी
विधि प्रकोष्ठ ने पत्र में आयोग द्वारा निर्धारित अधिकतम खर्च सीमा का पुनः उल्लेख किया है:
नगर निगम : अधिकतम चुनावी व्यय सीमा ₹3,50,000/-
नगर परिषद : अधिकतम चुनावी व्यय सीमा ₹2,50,000/-
नगर पालिका : अधिकतम चुनावी व्यय सीमा ₹1,50,000/-
‘प्रारूप-क’ में बिल और वाउचर सहित देना होगा विवरण
प्रदेश संयोजक ने निकाय प्रभारियों और जिलाध्यक्षों से आग्रह किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के सभी भाजपा प्रत्याशियों को इस संबंध में तत्काल सूचित करें। प्रत्याशियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे चुनाव खर्च से जुड़े समस्त मूल अभिलेख, बिल, वाउचर और आवश्यक साक्ष्य संलग्न करते हुए निर्धारित ‘प्रारूप-क’ में अपनी फाइल तैयार करें और समय रहते संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी/रिटर्निंग अधिकारी के कार्यालय में जमा करवाएं।
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