
उदयपुर। शहर के प्रतापनगर स्थित कपिल विहार कॉलोनी में शुक्रवार की शाम बिल्कुल सामान्य थी। करीब पौने छह बजे का वक्त था। लोग अपने-अपने घरों में चाय की चुस्कियों के साथ दिनभर की थकान मिटा रहे थे। तभी अचानक सन्नाटे को चीरती हुई कई गाड़ियों के ब्रेक और करकश आवाज़ें गूंज उठीं।
एक काली स्कॉर्पियो और दो चमचमाती थार गाड़ियों का काफिला कॉलोनी में तेजी से दाखिल हुआ। गाड़ियों के रुकते ही उनमें से निकले बदमाशों के सिर पर खून सवार था। पुरानी रंजिश की आग में जल रहे इन बदमाशों ने बिना कुछ सोचे-समझे सड़क किनारे खड़ी कारों पर पथराव शुरू कर दिया। पत्थरों की बौछार से गाड़ियों के शीशे चकनाचूर होने लगे। अचानक हुए इस हमले और कांच टूटने की खौफनाक आवाज़ों से पूरी कॉलोनी सहम गई। लोग दहशत के मारे अपने-अपने घरों के खिड़की-दरवाजे बंद करने लगे।
इसी बीच, अपने घर के बाहर हो रहे इस भारी शोर-शराबे और पत्थरों की गड़गड़ाहट को सुनकर 50 वर्षीय उर्मिला कुंवर का दिल दहल उठा। अपने परिवार और आसपास के माहौल का हाल जानने के लिए वह जैसे ही अपने घर की मुख्य चौखट लांघकर बाहर कदम रखती हैं, बदमाशों की नज़र उन पर पड़ जाती है।
बदमाशों ने पलक झपकते ही स्कॉर्पियो का रुख उर्मिला कुंवर की तरफ मोड़ दिया। एक्सीलेटर पर पैर पड़ते ही स्कॉर्पियो का इंजन दहाड़ उठा। महिला कुछ समझ पातीं या पीछे हट पातीं, उससे पहले ही तेज रफ्तार गाड़ी सीधे उनसे आ टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि उर्मिला कुंवर उछलकर दूर जा गिरीं और स्कॉर्पियो उन्हें रौंदते हुए निकल गई।
वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों गाड़ियां धूल उड़ाती हुई पलक झपकते ही मौके से रफूचक्कर हो गईं। पीछे छोड़ गईं तो सिर्फ लहूलुहान हालत में तड़पती उर्मिला कुंवर और कॉलोनी में पसरा गहरा सन्नाटा।
शोर सुनकर जब पड़ोसी हिम्मत जुटाकर बाहर निकले, तो मंजर देख कांप उठे। महिला को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सूचना मिलते ही प्रतापनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। कॉलोनी में लगे सीसीटीवी कैमरों को जब खंगाला गया, तो उस खौफनाक वारदात का एक-एक सेकंड कैमरे में कैद मिला। पुलिस ने फुटेज के आधार पर गाड़ियों के नंबर और बदमाशों की शिनाख्त कर ली है। पुरानी रंजिश के इस खूनी खेल में शामिल कातिलों की तलाश में पुलिस की कई टीमें अब चप्पे-चप्पे पर दबिश दे रही हैं।
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