उदयपुर। महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर के अन्तर्गत चल रहे ग्रामीण कृषि मौसम सेवा परियोजना के तहत् गाँव नाकली जिला राजसमन्द के 80 कृषकों को एक दिवसीय मौसमी कारकों का फसलों पर प्रभाव एवं भविष्यवाणी शीर्षक के अन्तर्गत प्रशिक्षण दिया गया।
परियोजना प्रभारी डाॅ. जगदीश चैधरी ने किसानों का स्वागत करते हुए मौसम सम्बन्धित भविष्यवाणी एंव वार्तावरणीय कारकों का फसलों पर पड़ने वाले प्रभाव पर चर्चा की। डाॅ. अमित कुमार ने कम वार्तावणीय तापक्रम, पाला से होने वाले नुकसान एवं उससे बचाव पर विस्तृत चर्चा की।
संदीप बुडानिया ने मौसम सम्बन्धित का डिजिटाईलेशन एवं कृषकों में उसकी उपयोगिता एवं महत्व पर प्रकाश डाला। राधेश्याम कीर (एफआईएफ) ने मौसम सम्बन्धित भविष्यवाणी के आधार पर तैयार एग्रो एड़वाईजरी बुलेटिन के महत्व पर चर्चा करते हुए वैज्ञानिकों एवं किसानों के बीच संवाद करवाया तथा अन्त में वैज्ञानिकों का आभार जताया।
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