उदयपुर में 6 सितंबर को सजेगा खेल का महामंच: वेदांता जिंक सिटी हाफ मैराथन की आधिकारिक जर्सी और पोस्टर का भव्य अनावरण

झीलों और अरावली के बीच दौड़ेगा देश-विदेश का हुजूम; ‘रन फॉर जीरो हंगर’ के संदेश के साथ 5,500 से अधिक पंजीकरण पूरे

उदयपुर।

झीलों की नगरी उदयपुर में 6 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली तीसरी ‘वेदांता जिंक सिटी हाफ मैराथन’ की तैयारियां जोरों पर हैं। शनिवार को हिंदुस्तान जिंक द्वारा आयोजित एक भव्य समारोह में मैराथन की आधिकारिक जर्सी और पोस्टर का अनावरण किया गया। प्राकृतिक खूबसूरती, फिटनेस और सामाजिक सरोकार को समर्पित यह मैराथन उदयपुर के फील्ड क्लब से शुरू होगी।

गणमान्य अतिथियों की मौजूदगी में हुआ लॉन्च

जर्सी और पोस्टर लॉन्च कार्यक्रम में उदयपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) गौरव श्रीवास्तव, केंद्रीय जीएसटी के संयुक्त आयुक्त रोशन लाल, हिंदुस्तान जिंक के सीईओ एवं पूर्णकालिक निदेशक अमरेंदु प्रकाश तथा ‘एनीबडी कैन रन’ (Anybody Can Run) संस्था के प्रतिनिधियों सहित खेल व सामाजिक क्षेत्र के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ एक प्रेरणादायक मैराथन फिल्म के प्रदर्शन से हुआ, जबकि समापन जोशीले ड्रम रोल के साथ किया गया।

5,500 से अधिक पंजीकरण, तीन श्रेणियों में होगी दौड़

आयोजकों के अनुसार, इस वर्ष अब तक 21.097 किमी (हाफ मैराथन), 10 किमी और 5 किमी की श्रेणियों में 5,500 से अधिक धावक अपना पंजीकरण करा चुके हैं। उल्लेखनीय है कि पिछले संस्करण में 27 राज्यों और विदेशों से करीब 7,000 प्रतिभागियों ने भाग लिया था। यह आयोजन पेशेवर एथलीटों, युवाओं, परिवारों, विद्यार्थियों और कॉर्पोरेट टीमों को ‘वन रन, वन कम्युनिटी’ के साझा मंच पर जोड़ेगा।

विश्वस्तरीय मान्यता और खूबसूरत रनिंग रूट

यह हाफ मैराथन एआईएमएस (AIMS) प्रमाणित तथा वर्ल्ड एथलेटिक्स से संबद्ध है।

  • मुख्य रूट (21.097 किमी): दौड़ फील्ड क्लब से प्रारंभ होकर फतेहसागर पाल, रोटरी क्लब, सनसेट प्वाइंट पार्क, नेहरू गार्डन और ऐतिहासिक सहेलियों की बाड़ी जैसे प्रमुख स्थलों की परिक्रमा करते हुए पुनः फील्ड क्लब पर समाप्त होगी।

  • 10 किमी व 5 किमी: ये दोनों रूट सभी आयु वर्ग और नए धावकों की सुविधा के अनुसार तैयार किए गए हैं।

फिटनेस के साथ ‘रन फॉर जीरो हंगर’ का संकल्प

  • पुलिस महानिरीक्षक गौरव श्रीवास्तव ने कहा कि यह आयोजन उदयपुर की प्राकृतिक सुंदरता के बीच स्वास्थ्य, अनुशासन और सामुदायिक भावना को मजबूत करने का बेहतरीन माध्यम बन चुका है।

  • सीईओ अमरेंदु प्रकाश ने कहा कि यह आयोजन सिर्फ एक दौड़ नहीं, बल्कि उदयपुर का उत्सव है। उन्होंने बताया कि ‘रन फॉर जीरो हंगर’ अभियान के जरिए दौड़ का प्रत्येक कदम कुपोषण और भुखमरी के खिलाफ सामाजिक जागरूकता में योगदान देगा।

वेलनेस टूरिज्म और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा

देश-विदेश से आने वाले हजारों धावकों और उनके परिवारों के आगमन से उदयपुर के होटल, हैंडीक्राफ्ट, ट्रांसपोर्ट और रेस्टोरेंट कारोबार को बड़ा संबल मिलता है। आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर पंजीकरण की प्रक्रिया जारी है।

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