
उदयपुर। केशव नगर में खाली प्लॉट में भरे पानी में डूबने से एक मासूम बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई। गोताखोरों ने कड़ी मशक्कत के बाद बच्चे का शव तो बाहर निकाल लिया, लेकिन इस लापरवाही के जिम्मेदार ‘सिस्टम’ की जवाबदेही अब भी गहरे पानी में डूबी नजर आ रही है।
सुखेर थाना क्षेत्र के केशव नगर स्थित एक खुले और लावारिस प्लॉट में बारिश का पानी भरा हुआ था, जहां यह दर्दनाक हादसा पेश आया। सूचना मिलते ही राजस्थान नागरिक सुरक्षा विभाग (उदयपुर) के उप नियंत्रक दीपेंद्र सिंह राठौड़ एवं सहायक प्रशासनिक अधिकारी धनेंद्र कश्यप के दिशा-निर्देशन में रेस्क्यू टीम तुरंत मौके पर पहुंची। गोताखोर विजय नकवाल, नरेश चौधरी, हीरालाल प्रजापत, कैलाश गमेती, विष्णु राठौर और वाहन चालक राहुल यादव की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 10 मिनट के भीतर बच्चे को पानी से बाहर निकाला और सुखेर थाना पुलिस को सुपुर्द किया।
निकाय चुनाव से पहले बुनियादी सुरक्षा और दावों की खुली पोल
शहर में आगामी नगरीय निकाय चुनावों को लेकर सियासी पारा चढ़ने लगा है और विभिन्न राजनीतिक दलों के दावेदार विकास और जनसुविधाओं के बड़े-बड़े वादे कर रहे हैं। ऐसे समय में रिहायशी इलाकों के खुले प्लॉटों में बने जानलेवा जलभराव और प्रशासनिक अनदेखी ने नगर निगम व स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर बार चुनाव आते ही दावों की झड़ी लग जाती है, लेकिन शहर के अंदरूनी और बाहरी कॉलोनियों में बुनियादी सुरक्षा, जल निकासी और खुले गड्ढों-प्लॉटों की निगरानी जैसे जरूरी काम वर्षों से ठंडे बस्ते में पड़े हैं। इस दर्दनाक हादसे ने आगामी निकाय चुनावों में स्थानीय जनसमस्याओं और सुरक्षा के मुद्दे को एक बार फिर केंद्र में ला खड़ा किया है।
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