सरकार की मंशा अनुरूप आम व्यक्ति को केंद्र में रखकर करें कार्य : मुख्य सचिव


समयबद्धता, सादगी, कर्तव्यनिष्ठा, संवेदनशीलता और स्व अनुशासन अपनाएं
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को दिए गुड गवर्नेंस के टिप


उदयपुर। राज्य के नवनियुक्त मुख्य सचिव सुधांशु पंत ने जिला से लेकर सचिवालय स्तर के अधिकारियों की वीडियो कांफ्रेन्स के माध्यम से बैठक ली। इस दौरान पंत ने गुड गवर्नेंस के टिप दिए। साथ ही समयबद्धता, सादगी, कर्तव्यनिष्ठा, संवेदनशीलता और स्व अनुशासन अपनाने तथा सरकार की मंशा के अनुसार आम व्यक्ति को केंद्र में रखकर कार्य करने की नसीहत भी दी। उदयपुर से जिला कलक्टर अरविन्द पोसवाल, एडीएम सिटी राजीव द्विवेदी, सीईओ जिला परिषद कीर्ति राठौड़, गिर्वा एसडीएम प्रतिभा वर्मा सहित अन्य अधिकारी वीसी से जुडे़े।
सचिवालय सभागार में आयोजित बैठक में सभी विभागों के प्रमुख शासन सचिव, शासन सचिव, विभागाध्यक्ष आदि उपस्थित रहे। वहीं सभी संभागीय आयुक्त, जिला कलक्टर सहित जिला स्तरीय अधिकारीगण भी वीसी के माध्यम से जुड़े। मुख्य सचिव पंत ने कहा कि प्रधानमंत्री जी और मुख्यमंत्री जी की मंशा बिल्कुल स्पष्ट है। अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति को केंद्र में रखकर काम हो, हर वंचित व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचे। उन्होंने विकसित भारत संकल्प यात्रा में आमजन की सहभागिता बढाने, लोगों को योजनाओं से लाभान्वित करने के निर्देश दिए। साथ ही आगामी दिनों में होने वाली भर्ती परीक्षाओं में पूर्ण चौकसी बरतते हुए निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से परीक्षाएं संपन्न कराने तथा गड़बड़ी फैलाने वाले तत्वों से सख्ती से निपटने के निर्देश दिए। उन्होंने समयबद्धता पर फोकस करते हुए कहा कि सभी कार्य टाइमलाइन से होने चाहिए। सभी अधिकारी अपने फाइल निस्तारण की समय सीमा का आंकलन कर उसे कम करने का प्रयास करें। लंबित कार्यों को लेकर विशेष मोनिटरिंग सिस्टम विकसित कर उसे समय पर पूर्ण करने पर ध्यान दें। उन्होंने संवेदनशीलता को लीडरशिप का विशेष गुण बताते हुए कहा कि अधिकारी अपने जूनियर्स के प्रति सहयोगात्मक रहें। अच्छा काम करने वालों को प्रोत्साहित करें। कोई व्यक्ति उन तक कोई समस्या लेकर पहुंचे तो उसे धैय पूर्वक सुनें और संतुष्ट करें। उन्होंने ऑडिट को लेकर भी गंभीरता बरतने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि ऑडिट टीम को समय दें, उनके आक्षेपों को त्वरित निस्तारित करें।
प्लास्टिक की बोतलों में नहीं परोसे पानी
मुख्य सचिव ने बैठकों के दौरान प्लास्टिक की बोतलों में पानी परोसे जाने को अनुचित बताया। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक बोतले के बजाए कांच की बोतल अथवा गिलास में पानी परोसा जाए। यदि पूरे राजस्थान में सरकारी बैठकों और कार्यक्रमों में प्लास्टिक बोतलों का उपयोग बंद हो जाए तो पर्यावरण की दृष्टि से बहुत अच्छा और बड़ा संदेश जाएगा। इससे अन्य लोग भी प्रेरित होंगे।
निर्माण कार्यों का मॉनिटरिंग सिस्टम बने
मुख्य सचिव ने सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग को विभिन्न विभागों के माध्यम से चल रहे निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग के लिए समेकित ऑनलाइन सिस्टम विकसित करने को कहा। उन्होंने कहा कि एक डैशबोर्ड बन जाए, जिसे सभी विभाग आंशिक संशोधन करके उपयोग कर सकें। इसमें संबंधित विभाग के निर्माण कार्यां से जुड़े सभी तथ्य उपलब्ध रहें। निर्माण कार्य की प्रगति के साथ-साथ वह तथ्य और नवीनतम फोटोग्राफ्स अपडेट हों। इससे कामों को टाइमलाइन में पूर्ण कराने में मदद मिलेगी।

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