
जयपुर/डेगाना। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश आज प्रगति और सामाजिक सुरक्षा के एक नए युग की ओर कदम बढ़ा रहा है। डेगाना के तिलानेश गांव में आयोजित ‘ग्राम विकास चौपाल’ में मुख्यमंत्री का ग्रामीण महिलाओं के साथ सीधा संवाद यह दर्शाता है कि उनकी सरकार ज़मीनी स्तर पर बदलाव लाने और समाज के हर वर्ग को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूरी तरह समर्पित है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि महिलाओं का आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक सशक्तिकरण ही वास्तव में एक विकसित और खुशहाल राज्य का असली आधार है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पर्यावरण और स्वास्थ्य-हितैषी पहलें
मुख्यमंत्री ने चौपाल में उन महत्वपूर्ण योजनाओं पर विशेष जोर दिया, जो न केवल महिलाओं के जीवन स्तर को सुधार रही हैं, बल्कि हमारे पर्यावरण के संरक्षण में भी सीधा योगदान दे रही हैं:
स्वच्छता और जल सुरक्षा को बल: मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत घर-घर शौचालय का निर्माण केवल महिलाओं की गरिमा की सुरक्षा नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण इलाकों में स्वच्छता लाकर हमारे अमूल्य भूजल (Groundwater) और पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाने का एक बड़ा माध्यम भी है।
उज्ज्वला योजना से वन और वायु संरक्षण: रसोई गैस कनेक्शन के माध्यम से करोड़ों महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाने की बात करते हुए मुख्यमंत्री ने इसके स्वास्थ्य लाभों को सामने रखा। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में ईंधन के लिए पेड़ों की कटाई को रोकने (वन संरक्षण) और पर्यावरण को स्वच्छ रखने में अत्यंत सहायक सिद्ध हो रही है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भरता को मुख्यमंत्री का प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य सरकार की उन नीतियों को साझा किया जो ग्रामीण परिवेश में महिलाओं को उद्यमी और स्वावलंबी बना रही हैं:
राजीविका और डेयरी को विशेष संबल: पशुपालन और डेयरी क्षेत्र से जुड़ी महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा दिए जा रहे 5 रुपये प्रति लीटर अनुदान का विशेष रूप से उल्लेख किया। यह कदम ग्रामीण क्षेत्रों में जैविक खेती और प्राकृतिक संसाधनों के सही उपयोग को बढ़ावा दे रहा है।
लखपति दीदी योजना से उद्यमिता: मुख्यमंत्री ने बताया कि मात्र डेढ़ प्रतिशत ब्याज दर पर डेढ़ लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराकर महिलाओं को व्यापार की नई राह दिखाई जा रही है। इसका उदाहरण चौपाल में भी दिखा, जहाँ महिलाओं ने जूट के थैले (प्लास्टिक का बेहतरीन पर्यावरण-अनुकूल विकल्प) और बर्तन बैंक जैसे अनूठे व पर्यावरण-हितैषी कार्य शुरू किए हैं।
नीति निर्धारण में ‘आधी आबादी’ की मजबूत भागीदारी
मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ का जिक्र करते हुए कहा कि विधानसभाओं और संसद में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलने से शासन और विकास की नीतियों में उनकी भागीदारी और मजबूत होगी।
“प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प के अनुरूप महिला, युवा, किसान और मजदूर को सशक्त कर विकसित भारत का निर्माण करना हमारा मुख्य ध्येय है। हमारा उद्देश्य संचालन और योजनाओं में उत्कृष्टता के साथ-साथ समुदायों, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित भविष्य का निर्माण करना है।”— भजनलाल शर्मा, मुख्यमंत्री (राजस्थान)
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का यह जन-केंद्रित और दूरदर्शी दृष्टिकोण यह साफ संदेश देता है कि जब नेतृत्व संवेदनशील और सकारात्मक हो, तो विकास की रफ्तार के साथ-साथ हम अपनी धरती, पानी और पर्यावरण को भी पूरी तरह सुरक्षित और समृद्ध रख सकते हैं।
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