राजस्थान में इंसानियत शर्मसार : नवजात बच्चियों को फेंकने और दहेज हत्या जैसी 5 दिल दहला देने वाली घटनाएं

जयपुर। राजस्थान के अलग-अलग जिलों से सामने आई ये घटनाएं सामाजिक संवेदनहीनता, लैंगिक भेदभाव और कानून के डर के कमजोर होते प्रभाव को उजागर करती हैं। फलोदी, करौली, बूंदी और नागौर में नवजात बच्चियों को या तो मरने के लिए छोड़ दिया गया या अमानवीय परिस्थितियों में फेंक दिया गया, जबकि धौलपुर में दहेज के लिए एक नवविवाहिता की हत्या कर शव को चुपचाप जला देना सामाजिक अपराध की भयावह तस्वीर पेश करता है।

फलोदी में जन्म के कुछ घंटे बाद ही बच्ची को झाड़ियों में फेंक दिया जाना और उसके शरीर पर कीड़ों का रेंगना यह दिखाता है कि बेटियों के प्रति क्रूर सोच आज भी जिंदा है। बूंदी में जंगल से नवजात का शव और पास में इंजेक्शन मिलना इस आशंका को मजबूत करता है कि जन्म लेते ही उसकी जान ले ली गई। नागौर में ठंड के बीच पालना गृह में छोड़ी गई बच्ची की गंभीर हालत यह सवाल उठाती है कि समाज और परिवार अपनी जिम्मेदारियों से कैसे मुंह मोड़ रहे हैं।

वहीं, धौलपुर की घटना बताती है कि दहेज जैसी कुप्रथा आज भी महिलाओं की जान ले रही है। इन घटनाओं ने न केवल कानून-व्यवस्था पर, बल्कि सामाजिक मूल्यों, प्रशासनिक सतर्कता और जनजागरूकता पर भी गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।

About Author

Leave a Reply