
अजमेर/जयपुर/उदयपुर | राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने मंगलवार सुबह 10 बजे 12वीं के आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस तीनों संकायों के परिणाम एक साथ जारी कर दिए। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने नतीजों की घोषणा करते हुए मेधावी छात्रों को बधाई दी। इस वर्ष के परिणामों ने जहाँ रिकॉर्ड समय में आकर इतिहास रचा, वहीं कई छात्रों की संघर्षपूर्ण कहानियों ने पूरे प्रदेश को भावुक कर दिया।

नकिता की अधूरी जीत (श्रीगंगानगर): आर्ट्स में 93.80% अंक हासिल करने वाली मजदूर की बेटी नकिता आज अपनी सफलता देखने के लिए जीवित नहीं हैं। पीलिया के कारण 20 मार्च को उनका निधन हो गया था।
जयपुर की वर्षा का ‘परफेक्ट’ स्कोर: साइंस स्ट्रीम में वर्षा शर्मा ने 99.20% अंक प्राप्त किए। उन्होंने मैथ्स और केमिस्ट्री में 100 में से 100 अंक लाकर अपनी प्रतिभा साबित की।
अग्रवाल बंधुओं का कमाल: जयपुर के क्रिस्टल कॉन्वेंट स्कूल के जुड़वां भाइयों, आयुष (97%) और पियूष (96.4%) ने कॉमर्स में शानदार प्रदर्शन किया।
अजमेर के ग्रामीण और मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चों ने संसाधनों के अभाव को मात दी:
अमृता सैनी (98.40%): ट्रक ड्राइवर की बेटी, गवर्नमेंट स्कूल सिलोरा।
प्रीति कुमावत (98.20%): मजदूर की बेटी, गवर्नमेंट स्कूल सिलोरा।
अंबिका राठौड़ (96.40%): पुष्कर की अंबिका रोजाना 4 किमी पैदल चलकर स्कूल जाती थीं।
कविता भड़ाना (95.60%): किसान की बेटी, राजकीय विद्यालय लीड़ी।
राज अहलूवालिया (95%): प्राइवेट अस्पताल के नर्सिंग कर्मचारी के बेटे।
बोर्ड इतिहास में पहली बार हुए ये बदलाव
मार्च में धमाका : बोर्ड के इतिहास में पहली बार मार्च महीने में ही 12वीं के परिणाम घोषित किए गए।
10वीं पहले : इस साल परंपरा टूटी और 12वीं से पहले 10वीं का रिजल्ट (24 मार्च) जारी किया गया।
बेटियों का दबदबा : साइंस और आर्ट्स दोनों संकायों में लड़कियों का परिणाम लड़कों से बेहतर रहा।
पहली बार उदयपुर से घोषित हुए नतीजे, बस ड्राइवर की बेटी निकिता के 95.40%, पीयूष का सिविल सेवा का सपना
उदयपुर | राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने मंगलवार सुबह 10 बजे 12वीं के तीनों संकायों (आर्ट्स, कॉमर्स, साइंस) का परिणाम जारी कर दिया। बोर्ड के इतिहास में यह पहली बार हुआ जब शिक्षा मंत्री ने अजमेर के बजाय उदयपुर कलेक्ट्रेट से वर्चुअली जुड़कर नतीजों की घोषणा की। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने परिणाम जारी करने के बाद प्रदेश के टॉपर्स से फोन पर बात कर उन्हें बधाई दी।
- उदयपुर के सितारों का चमकता प्रदर्शन
झीलों की नगरी उदयपुर और इसके ग्रामीण अंचलों से सफलता की कई प्रेरक कहानियाँ सामने आई हैं:
निकिता चौबीसा (95.40%): मावली ब्लॉक के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, ढूंढ़िया की छात्रा निकिता ने आर्ट्स स्ट्रीम में शानदार अंक प्राप्त किए हैं। निकिता के पिता एक बस ड्राइवर हैं, जिनकी मेहनत को निकिता ने इस बड़ी सफलता में बदला है।
पीयूष पूर्बिया (झाड़ोल): झाड़ोल के होनहार छात्र पीयूष ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। पीयूष का लक्ष्य भविष्य में सिविल सेवा (IAS/RAS) में जाकर देश की सेवा करना है।
- विशेष उपलब्धियाँ और बोर्ड के नए कीर्तिमान
डिजिटल कवरेज: दैनिक भास्कर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इन सभी होनहारों की फोटो, उनके संघर्ष की कहानियाँ और विशेष इंटरव्यू पब्लिश किए जा रहे हैं।
ऐतिहासिक बदलाव: इस साल बोर्ड ने मार्च महीने में ही नतीजे जारी कर एक नया रिकॉर्ड बनाया है। साथ ही, शिक्षा मंत्री का उदयपुर कलेक्ट्रेट से परिणाम घोषित करना इस बार की सबसे बड़ी चर्चा रही।
मंत्री का संबोधन: शिक्षा मंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों के बच्चों ने जिस तरह से टॉप किया है, वह प्रदेश की बदलती शिक्षा व्यवस्था का प्रमाण है।
राजस्थान बोर्ड के ये नतीजे केवल अंकों का खेल नहीं, बल्कि नकिता जैसी बेटियों के सपनों और अंबिका जैसे संघर्षों की जीत हैं। प्रदेश भर में कहीं आतिशबाजी तो कहीं भावुक कर देने वाला माहौल है।
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