ड्रग माफिया की अवैध संपत्तियों पर करें प्रहार, नशे के नेटवर्क को जड़ से करें ध्वस्त : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

 

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मादक पदार्थों के कारोबार में लिप्त गिरोहों के विरुद्ध सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ड्रग तस्करों के आर्थिक तंत्र को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए इन माफियाओं की अवैध संपत्तियों की जब्ती, कुर्की और ध्वस्तीकरण (बुलडोजर कार्रवाई) की जाए। इसके साथ ही, पीआईटीएनडीपीएस (PITNDPS) एक्ट के अंतर्गत भी संदिग्ध माफियाओं के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाए।

मुख्यमंत्री बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर गृह विभाग की एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नशे के काले कारोबार से जुड़े संगठित गिरोहों के छोटे-बड़े सभी नेटवर्क को पूरी तरह नेस्तनाबूद किया जाए।

बैठक में सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा और वहां से होने वाली तस्करी को लेकर विशेष चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन के माध्यम से होने वाली तस्करी और अन्य संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए निगरानी एवं सतर्कता को और मजबूत किया जाए। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों के जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों (SP) को संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखने तथा आपस में बेहतर समन्वय (Coordination) स्थापित कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के आदेश दिए।

मुख्यमंत्री ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि नशा ही सभी अपराधों की जड़ है, जिसके समाज और परिवारों पर बेहद दूरगामी व घातक दुष्प्रभाव होते हैं। उन्होंने इस बुराई को खत्म करने के लिए प्रदेशव्यापी जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मुहिम में सामाजिक क्षेत्र की संस्थाओं को जोड़ा जाए और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करके इसे एक बड़ा जन आंदोलन बनाया जाए।

अपराधियों द्वारा कानून से बचने और मादक पदार्थों की तस्करी के लिए वाहनों में किए जाने वाले अवैध बदलावों पर भी मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने पुलिस, प्रशासन और परिवहन विभाग को एक संयुक्त अभियान चलाकर ऐसे वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अवैध रूप से मॉडिफाई किए गए वाहन सड़क सुरक्षा के लिए भी एक गंभीर खतरा हैं। उन्होंने वाहनों पर अवैध रूप से प्रतीक (लोगो/चिह्न) लगाने और शीशों पर निर्धारित मानकों से अधिक काली फिल्म या अन्य अपारदर्शी सामग्री का उपयोग करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त ऐक्शन लेने के आदेश दिए।

इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में राज्य के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कुमार शर्मा, मुख्यमंत्री कार्यालय के अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा और गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव भास्कर ए. सावंत सहित पुलिस और प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

 

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