उदयपुर: हज-2027 के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 24 जुलाई किए जाने के बावजूद आवेदनों की कम संख्या पर मुस्लिम महासंघ ने गहरा ध्यान आकर्षित किया है। उदयपुर से सोमवार तक महज 170 के करीब आवेदन प्राप्त हुए हैं, वहीं देश भर के 1.75 लाख निर्धारित कोटे के मुकाबले अब तक लगभग 1.61 लाख आवेदन ही आए हैं। राजस्थान का निर्धारित हज कोटा 4 हजार है।
आवेदनों की कमी और हज यात्रियों को आ रही व्यावहारिक समस्याओं को लेकर मुस्लिम महासंघ ने अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय (भारत सरकार) और सेंट्रल हज कमेटी के नाम उदयपुर जिला कलेक्टर के माध्यम से एक ज्ञापन सौंपा।
व्यवस्थाओं पर घटता विश्वास और आर्थिक बोझ बड़ी वजह
महासंघ ने ज्ञापन के माध्यम से कहा कि आवेदनों की संख्या कम होने का एक मुख्य कारण हज कमेटी की व्यवस्थाओं के प्रति आमजन का घटता विश्वास है।
भारी पहली किश्त: हज यात्रियों को पहली किश्त के रूप में 1,52,300 रुपये की बड़ी राशि जमा करानी पड़ती है। साथ ही यात्रा रद्द करने पर कटौतियों के सख्त प्रावधान हैं।
आवास और भोजन की समस्या: मक्का-मदीना में ठहराव के दौरान होटलों की स्थिति असंतोषजनक रहती है। 4 बेड की क्षमता वाले कमरों में 5 बेड लगाकर यात्रियों को ठहराया जाता है। भोजन की समुचित व्यवस्था न होने से बुजुर्ग हाजियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
अनावश्यक वित्तीय बोझ व डिजिटल जटिलता: यात्रियों पर अनावश्यक रूप से ‘स्मार्ट वॉच’ का आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। इसके अलावा हज प्रक्रिया के अत्यधिक डिजिटलीकरण के कारण कम पढ़े-लिखे व बुजुर्ग हाजियों को तकनीकी जटिलताओं का सामना करना पड़ता है।
अव्यवस्थित सेवाएं: खादिम-उल-हुज्जाज (सहायकों) द्वारा हाजियों पर ध्यान न देने, उनकी नियुक्ति में पारदर्शिता की कमी, हवाई अड्डों पर असहयोगात्मक व्यवहार, उड़ानों में देरी और सामान चोरी होने जैसी शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
वरिष्ठ हाजियों को किराये में 50% छूट देने की मांग
महासंघ ने मांग की है कि 65 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ हाजियों को हज यात्रा के किराये में कम से कम 50 प्रतिशत की विशेष छूट दी जाए, ताकि वे बिना किसी अत्यधिक आर्थिक और मानसिक तनाव के अपना धार्मिक फर्ज पूरा कर सकें।
महासंघ ने आग्रह किया है कि हज-2027 की पूरी प्रक्रिया और व्यवस्थाओं को समय रहते पारदर्शी, सुगम और हाजी-अनुकूल बनाया जाए, जिससे हज कमेटी की कार्यप्रणाली पर आम लोगों का विश्वास पुनः बहाल हो सके।
ज्ञापन सौंपने के दौरान मौजूद रहे प्रमुख पदाधिकारी
ज्ञापन सौंपते समय मुस्लिम महासंघ के संस्थापक अध्यक्ष हाजी मोहम्मद बख्श (प्यारा भाई), प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद हनीफ, राष्ट्रीय सचिव इरफान मुल्तानी, गुलाम नबी, असलम सक्का, बुलबुल भाई और फिरोज खान सहित महासंघ के अनेक पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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