
उदयपुर। दुनिया जिन्हें देखने से महरूम मानती है, दरअसल वे दुनिया को महसूस करने का हुनर रखते हैं। बस कमी थी तो एक ऐसे सहारे की, जो उनके भीतर के हौसले को परवाज दे सके। रविवार को लेकसिटी के हिरण मगरी स्थित ‘महावीर भवन’ में एक ऐसा ही भावुक और दिल को छू लेने वाला मंजर देखने को मिला, जहां बंद आंखों के पीछे पल रहे सपनों को आधुनिक विज्ञान ने एक नई रौशनी और पहचान दी। समिधा संस्थान के ‘समिधा दृष्टि दिव्यांग मिशन’, ‘युवा अनस्टॉपेबल’ और राजकीय उच्च माध्यमिक प्रज्ञा चक्षु विद्यालय के साझा प्रयासों से बड़ी संख्या में दृष्टिबाधित छात्र-छात्राओं को अत्याधुनिक ‘Ai PRO Device’ (आई लाइफ इम्प्रूवमेंट किट) पूरी तरह नि:शुल्क वितरित किए गए।
जब नन्हे और किशोर बच्चों के कांपते हाथों ने पहली बार उस छोटे से एआई उपकरण को छुआ, तो उनके चेहरे पर खिली मुस्कान ने वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम कर दीं।
जब तकनीक बनी आंखों का नूर: 60 से 70 फीसदी तक आसान होगी जिंदगी की राह
अक्सर दृष्टिबाधित बच्चों के लिए अपनी पढ़ाई, राह की पहचान और रोजमर्रा के काम किसी चुनौती से कम नहीं होते। लेकिन इस आधुनिक एआई डिवाइस ने उनकी इस बेबसी को आत्मनिर्भरता में बदलने का बीड़ा उठाया है:
किताबों से लेकर रास्तों तक का साथी: यह कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित उपकरण सामने रखे पन्नों को पढ़कर सुनाने, वस्तुओं की पहचान करने और राह में आने वाली बाधाओं को भांपने में सक्षम है।
आत्मसम्मान की नई उड़ान: विशेषज्ञों के अनुसार, इस डिवाइस की मदद से इन बच्चों की दैनिक जिंदगी 60 से 70 प्रतिशत तक आसान हो जाएगी। अब उन्हें किसी पाठ को समझने या अपने छोटे-मोटे कामों के लिए दूसरों के सहारे का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
भावुक क्षण: ‘अब हम भी दुनिया को अपनी नजर से देखेंगे’
समारोह के दौरान जब एक दृष्टिबाधित छात्रा ने डिवाइस को कान के पास लगाकर पहली बार किसी वाक्य को सुना, तो उसकी आंखों से ढुलके आंसू इस बात की गवाही दे रहे थे कि यह सिर्फ एक मशीन नहीं, बल्कि उसके स्वाभिमान का पंख है। सभागार में बैठे शिक्षकों और समाजसेवियों के लिए यह क्षण केवल एक उपकरण वितरण का नहीं, बल्कि बंद कमरों में कैद प्रतिभाओं को खुला आसमान सौंपने का महापर्व बन गया।
सेवा और संकल्प का अनूठा संगम
इस मानवीय पहल को धरातल पर उतारने में संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने अपनी पूरी निष्ठा समर्पित की:
अतिथियों व सहयोगियों की मौजूदगी: कार्यक्रम में ‘युवा अनस्टॉपेबल’ के पवन जैन, एआई डिवाइस निर्माता संस्थान से दिनेश भाई, समिधा संस्थान के प्रदीप रावानी, आरोग्य शेखर, अशोक मालवीय, सुनील पालीवाल, दिव्या जोशी सहित प्रज्ञा चक्षु विद्यालय के समर्पित शिक्षक-शिक्षिकाएं और कई प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।
वक्ताओं का संदेश: वक्ताओं ने भावुक स्वर में कहा कि सच्ची सेवा वही है जो किसी के स्वाभिमान को जगाए। इन बच्चों के पास दृष्टि भले न हो, लेकिन इनका दृष्टिकोण किसी से कम नहीं है। तकनीक के इस उपहार से इनके हौसलों को नई उड़ान मिलेगी।
About Author
You may also like
पर्दे के पीछे: विरासत, संस्कार और सियासत की नई धूप
उदयपुर में सीएम भजनलाल शर्मा को रोड शो : ट्रैफिक जाम में फंसा ‘ट्रिपल इंजन’ और कश्मीर का मुगालता
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का उदयपुर में भव्य रोड शो…पार्षद उम्मीदवारों के साथ जुटी भीड़ यहां पढ़िए तस्वीरें
उदयपुर में मुख्यमंत्री का शक्ति-प्रदर्शन: यह आत्मविश्वास है या भीतरी घबराहट?
उदयपुर के वार्ड 22 का महामुकाबला : जब साझी तहज़ीब की ज़मीन पर बाहरी बनाम स्थानीय की लकीरें खिंचने लगें!
