
1. सोनम वांगचुक ने अनशन तोड़ने के लिए सरकार के सामने रखीं शर्तें
शिक्षा और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह को पत्र लिखकर अनशन समाप्त करने के संदर्भ में अपील की है। वांगचुक ने पत्र में लिखा कि यदि सरकार परीक्षा पेपर लीक के पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने और संसद में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे सहित व्यापक चर्चा कराने का लिखित आश्वासन देती है, तो वे अपना अनशन समाप्त कर देंगे। उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों से भी आश्वासन मिलने के बाद शांतिपूर्ण बातचीत का रास्ता चुनने का आह्वान किया।
2. सीजेपी ने सोनम वांगचुक से अनशन खत्म करने का किया अनुरोध; सरकार को दिए बातचीत के दो विकल्प
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और इसके संस्थापक अभिजीत दीपके ने पत्र व वीडियो जारी कर सोनम वांगचुक से स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अनशन समाप्त करने की अपील की है। दूसरी ओर, सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि सरकार से बातचीत के लिए उन्होंने दो विकल्प रखे हैं—या तो सरकार जंतर-मंतर आए या फिर पास ही किसी निष्पक्ष स्थान पर खुले मन से सकारात्मक वार्ता आयोजित की जाए।
3. ‘छात्रों को राजनीतिक औजार बना रहा विपक्ष’ — रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शनों पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कुछ लोग स्वार्थ के लिए देश के छात्रों और युवाओं का राजनीतिक औजार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि देश का जागरूक युवा इन भ्रामक प्रयासों को समझता है और सरकार छात्रों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है ताकि उनके साथ कोई अन्याय न हो।
4. टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी पूरे मानसून सत्र के लिए निलंबित
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद कल्याण बनर्जी को संसद के मौजूदा मानसून सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया है। सदन में महिला सांसदों के प्रति अभद्र टिप्पणी करने और असंसदीय भाषा के इस्तेमाल के आरोपों के बाद केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल द्वारा पेश किए गए निलंबन प्रस्ताव को लोकसभा ने मंजूरी दे दी।
5. पटना में छात्रों के मार्च पर पुलिस ने चलाई वाटर कैनन और आंसू गैस
दिल्ली प्रदर्शन के समर्थन में पटना में आइसा (AISA) के नेतृत्व में राजभवन मार्च निकाल रहे छात्रों पर पुलिस ने जेपी गोलंबर के पास वाटर कैनन चलाई और आंसू गैस के गोले दागे। प्रदर्शन के दौरान पथराव और मीडियाकर्मियों के घायल होने की भी खबरें आई हैं। पुलिस के कड़े पहरे के बावजूद छात्र डाक बंगला चौराहे तक पहुंचे और नारेबाजी की।
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