
उदयपुर। 29 मार्च 2023 को एक मासूम 8 साल की बच्ची के साथ हुए नृशंस बलात्कार और हत्या के मामले में उदयपुर के पॉक्सो-2 कोर्ट ने आरोपी कमलेश (21) को फांसी की सजा सुनाई है। इस फैसले ने समाज में व्याप्त क्रूरता के खिलाफ एक सशक्त संदेश भेजा है कि न्याय की कोई कमी नहीं होगी।
कोर्ट ने कमलेश के माता-पिता को भी 4-4 साल की सजा सुनाई है। उन पर आरोप था कि उन्होंने अपने बेटे के अपराध में साक्ष्य मिटाने में मदद की। हालांकि, दंपती ने जमानत याचिका दायर की थी, जिसके चलते उन्हें जमानत दे दी गई।
घटनाक्रम का विवरण : घटना के दिन, बच्ची ने स्कूल से लौटने के बाद चॉकलेट के लालच में कमलेश के घर जाने का निर्णय लिया। कमलेश ने न केवल उसके साथ बलात्कार किया, बल्कि बेरहमी से उसकी हत्या भी कर दी। उसके शव को 10 टुकड़ों में काटकर थैलियों में भर दिया गया, जिन्हें छिपाने का प्रयास किया गया।

कोर्ट का स्पष्ट संदेश : जज संजय भटनागर ने इस मामले में कमलेश को दोषी ठहराते हुए कहा, “यह अपराध समाज में एक गहरी दरिंदगी की ओर इंगित करता है। ऐसे क्रूर अपराधियों को कड़ी सजा दी जानी चाहिए।” उनका यह बयान स्पष्ट करता है कि न्याय की प्रक्रिया में ऐसे मामलों को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

दोषी का बयान : कोर्ट से बाहर आते हुए कमलेश ने अपनी निर्दोषता का दावा किया और कहा, “मैंने ये सब मेरे माता-पिता को बचाने के लिए किया है। मुझ पर दबाव बनाया गया है, मैं हाईकोर्ट में अपील करूंगा। मेरे मम्मी-पापा को बचाने के लिए सजा मोल ली है।”
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