
“लम्हे जो तस्वीरों में क़ैद हुए,
वो यादों की चौखट पर छोड़ गए…”
इस दर्दनाक विदाई को अपने कैमरे में संजोने वाले फोटोग्राफर कमल कुमावत की भी आंखें छलक उठीं। उन्होंने न जाने कितनी बार अरविंद सिंह मेवाड़ को अपने लेंस में क़ैद किया था, लेकिन आज उनका कैमरा सिर्फ़ आंसुओं की नमी दर्ज कर रहा था।
हर क्लिक के साथ एक याद उभर रही थी—वह राजसी शान, वो गरिमा, वो मुस्कुराहटें… सब कुछ अब सिर्फ़ तस्वीरों में रह गया। आज पहली बार उनके कैमरे ने एक ऐसी तस्वीर खींची, जिसे देखकर हर आंख भर आई—शाही परिवार का वह दृश्य, जहां बेटा लक्ष्यराज अपनी बहनों के गले लगकर फूट-फूटकर रो रहा था।
“जो तस्वीरों में हमेशा ज़िंदा थे,
आज वो यादों में समा गए…”
About Author
You may also like
-
ट्रंप का ओवल ऑफिस से राष्ट्र के नाम संबोधन : ईरान में काम खत्म करने के करीब अमेरिका, वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच युद्ध को ठहराया जायज
-
श्रीराम स्कूल आयड़ की मेधावी छात्रा गिरजा सुथार की स्वर्णिम सफलता : शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने किया सम्मानित
-
मेवाड़ यूनिवर्सिटी को बंद करने के लिए कारण बताओ नोटिस, फर्जी डिग्री और कुप्रशासन पर भजनलाल सरकार सख्त
-
महावीर जयंती : श्रद्धा और आस्था से सराबोर 2625वां भगवान महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव
-
अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट का महा-फैसला : नाबालिगों पर ‘कन्वर्जन थेरेपी’ की पाबंदी खत्म, ईसाई थेरेपिस्ट की जीत और 20 राज्यों में मचेगा बवाल