
उदयपुर। गर्म हवाओं और चिलचिलाती धूप के इस मौसम में जब इंसानों के लिए भी पानी की एक बूंद राहत बन जाती है, तब बेजुबान पक्षियों की प्यास को बुझाने के लिए नमोकार फाउंडेशन ने इंसानियत की मिसाल कायम की है। सोमवार को फाउंडेशन की ओर से शहर के प्रमुख मंदिरों—जगदीश मंदिर, महाकालेश्वर मंदिर, बोहरा गणेश मंदिर सहित विभिन्न स्थानों पर 1000 परिण्डों का वितरण किया गया। इस पुनीत कार्य की शुरुआत पहाड़ा स्थित कालकामाता मंदिर से की गई।
फाउंडेशन के संस्थापक अनीश नलवाया ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य केवल परिण्डे वितरित करना नहीं, बल्कि आमजन को बेजुबानों के प्रति संवेदनशील बनाना भी है। मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को एक-एक परिण्डा देकर नियमित रूप से उसमें पानी भरने का संकल्प भी दिलाया गया।
नलवाया ने बताया कि फाउंडेशन में सक्रिय युवा सदस्य अपनी पॉकेट मनी और जन सहयोग से पिछले दो वर्षों से बेजुबान पक्षियों और जानवरों के लिए कार्य कर रहे हैं। वे पक्षियों के लिए पीने के पानी और खाने की व्यवस्था भी नियमित रूप से करते हैं।
यह सेवा कार्य केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ सहअस्तित्व का भाव जगाने वाला संदेश है। गर्मी में पक्षियों की जान बचाने वाला यह प्रयास वास्तव में मानवता की ऊंचाई को दर्शाता है।
कार्यक्रम में मंदिर पुजारी देवेंद्र सिंह गौड़, दिव्यांश माली, हर्ष साहू, लवेश उपाध्याय, लोकेन्द्र कुमावत और के.के. कुमावत सहित अनेक भक्तों को परिण्डे वितरित किए गए।
इस नेक कार्य के माध्यम से नमोकार फाउंडेशन ने न केवल शहर को एक सकारात्मक संदेश दिया है, बल्कि लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि अगर हर व्यक्ति अपने घर, मोहल्ले या छत पर एक परिण्डा लगाए और उसमें नियमित पानी भरे, तो हजारों पक्षियों की जान बचाई जा सकती है।
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