
लतीफ, उदयपुर।
माह-ए-रबीउल अव्वल के चाँद की शहादत मंगलवार को अहमदाबाद से मिलने के बाद यह ऐलान किया गया कि उदयपुर में ईद-ए-मिलादुन्नबी ﷺ का जश्न 5 सितम्बर को मनाया जाएगा। इस पुर-असर मौक़े पर शहर की गलियों और चौक-चौराहों से परंपरागत जुलूस-ए-मोहम्मदी ﷺ निकाला जाएगा।
चांद की तस्दीक़ के साथ ही शहर की मसाजिद और घरों में परचम-कुशाई की गई, रोशनियों से माहौल को रौनक बख़्शी गई और मोहल्लों को सजाया जाने लगा। वहीं मसाजिद में 12 दिन तक महफ़िल-ए-मिलाद का एहतिमाम रहेगा।
अंजुमन तालीमुल इस्लाम के सदर मुख़्तार अहमद क़ुरैशी और सेक्रेट्री मुस्तफ़ा शेख़ ने बताया कि 24 अगस्त (रविवार) को बादलों की वजह से उदयपुर और उसके आसपास कहीं भी चांद नज़र नहीं आया। ऐसे में शरई शहादत की तलाश अहमदाबाद से की गई। मंगलवार को 29वें चाँद की शहादत मिलने के बाद मौलाना ज़ुलकरनैन और मौलाना मुतीउर्रहमान ने एलान किया कि 25 अगस्त से माह-ए-रबीउल अव्वल 1447 हिजरी की इब्तिदा हो चुकी है। इस तरह ईद-ए-मिलादुन्नबी ﷺ 5 सितम्बर को अकीदतमंदी और शान-ओ-शौकत के साथ मनाई जाएगी।
ग़ौरतलब है कि माह-ए-रबीउल अव्वल की 12वीं तारीख को ईद-ए-मिलादुन्नबी ﷺ मनाई जाती है, जो हज़रत पैग़म्बर मोहम्मद ﷺ की पैदाइश का दिन है। दुनियाभर में यह दिन मोहब्बत, एहतराम और अकीदा के साथ मनाया जाता है।
इस बार उदयपुर में 3 और 4 सितम्बर को अंजुमन चौक पर ख़ास प्रोग्राम होंगे, जिसमें बाहर से तशरीफ़ लाने वाले औलमा-ए-किराम और नातख़्वाँ शिरकत करेंगे और अपनी तक़रीरात व नातिया कलाम पेश करेंगे।
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