उदयपुर। शहर के पटेल सर्कल स्थित मोहम्मदी मस्जिद और मोहल्ला कमेटी के आम चुनाव रविवार को उत्साहपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुए। इस चुनावी प्रक्रिया में लोकतांत्रिक मूल्यों का निर्वहन करते हुए समाज के प्रबुद्धजनों ने सर्वसम्मति से नई कार्यकारिणी का गठन किया, जिसमें मोहम्मद शरीफ (उर्फ बाबा) को सदर (अध्यक्ष) के महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी सौंपी गई।
कार्यकारिणी का गठन और चुनावी प्रक्रिया
मस्जिद के इमाम जाफर अली कादरी के सानिध्य और मार्गदर्शन में चुनाव की समस्त औपचारिकताओं को पूरा किया गया। नई कार्यकारिणी में पदों का वितरण इस प्रकार रहा:
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सदर (अध्यक्ष): मोहम्मद शरीफ (उर्फ बाबा)
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नायब सदर (उपाध्यक्ष): मोहम्मद शाबिर सिंधी
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सेकेट्री (सचिव): जाकिर खान
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ज्वाइंट सेकेट्री: मंसूर अहमद
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खजाँची (कोषाध्यक्ष): गुड्डू भाई
मुख्य पदों के साथ ही समाज के कार्यों को गति देने के लिए 6 अन्य सक्रिय सदस्यों का भी चयन किया गया। इस अवसर पर मोहल्ले के मोतबीर (वरिष्ठ) व्यक्तियों और बड़ी संख्या में स्थानीय निवासियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर नई टीम का स्वागत किया।
सामाजिक विश्लेषण: नशे और कुरीतियों के विरुद्ध शंखनाद
नवनिर्वाचित सदर मोहम्मद शरीफ ने पदभार ग्रहण करने के बाद अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए एक महत्वपूर्ण सामाजिक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य समाज में व्याप्त सामाजिक कुरीतियों पर अंकुश लगाना है। विश्लेषणात्मक दृष्टि से देखा जाए तो कमेटी का सबसे बड़ा विमर्श युवाओं में बढ़ती नशे की लत को लेकर है। नई कार्यकारिणी ने संकल्प लिया है कि वे युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें नशे जैसी बुराइयों से दूर रखने के लिए जमीनी स्तर पर कार्य करेंगे।
स्थानीय मस्जिद कमेटियों द्वारा सामाजिक सुधारों (जैसे नशा मुक्ति) की जिम्मेदारी उठाना यह दर्शाता है कि धार्मिक संस्थाएं अब केवल इबादत तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे सामुदायिक उत्थान और सुधार के केंद्र के रूप में भी विकसित हो रही हैं।
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