
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर राजनीतिक विवादों में घिर गए हैं। उन्होंने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक पुरानी तस्वीर साझा की, जिसमें पीएम जमीन पर बैठे नजर आ रहे हैं। इस पोस्ट के बाद सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया।
दिग्विजय सिंह ने तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि यह फोटो उन्हें क्वोरा साइट पर मिली और उन्हें काफी प्रभावशाली लगी। उन्होंने लिखा कि किस तरह आरएसएस का एक सामान्य कार्यकर्ता और जनसंघ-भाजपा का कार्यकर्ता आगे बढ़ते हुए राज्य का मुख्यमंत्री और फिर देश का प्रधानमंत्री बना। उन्होंने इसे संगठन की ताकत का उदाहरण बताया और पोस्ट के अंत में “जय सिया राम” भी लिखा।
यह पोस्ट ऐसे समय पर सामने आई, जब दिल्ली में कांग्रेस की एक अहम बैठक होने जा रही थी। इसके बाद राजनीतिक हलकों में अटकलें तेज हो गईं और सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
विवाद बढ़ने के बाद दिग्विजय सिंह ने अपने ही पोस्ट पर सफाई देते हुए कहा कि उनकी बात को गलत समझा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे संगठन की ताकत की बात कर रहे थे, न कि आरएसएस या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन की। उन्होंने कहा, “मैं संगठन का समर्थन करता हूं, लेकिन मैं RSS और प्रधानमंत्री मोदी का विरोधी हूं। मैंने संगठन की प्रशंसा की है, न कि RSS या PM मोदी की नीतियों की।”
इस बयान के बाद भी राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे पर चर्चाएं जारी हैं और विपक्षी दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
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