
नई दिल्ली। नारी सशक्तीकरण की प्रतीक और देश की पहली महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की जयंती शनिवार को पूरे देश में मनाई जा रही है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई प्रमुख नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और शिक्षा, समानता तथा महिला अधिकारों के लिए उनके अतुलनीय योगदान को याद किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि सावित्रीबाई फुले एक अग्रणी समाज सुधारक थीं, जिन्होंने सेवा और शिक्षा के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उन्होंने समानता, न्याय और करुणा के मूल्यों को अपनाया और शिक्षा को सामाजिक बदलाव का सबसे सशक्त माध्यम माना। प्रधानमंत्री ने जरूरतमंदों के लिए उनके योगदान को भी अत्यंत सराहनीय बताया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सावित्रीबाई फुले को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने महिलाओं को शिक्षा के मूल अधिकार से जोड़कर नारी सशक्तीकरण को नई दिशा दी। उन्होंने सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष करते हुए देश के पहले बालिका विद्यालय की स्थापना की और समाज सुधार की अलख जगाई। उनका प्रेरणादायी जीवन राष्ट्र निर्माण के लिए सदैव मार्गदर्शक बना रहेगा।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि नारी शिक्षा और सशक्तीकरण के लिए आजीवन संघर्ष करने वाली महान समाज सुधारिका और भारत की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले का जीवन सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने शोषितों, वंचितों और महिलाओं के उत्थान के लिए जो ऐतिहासिक कार्य किए, वे समाज के नव-निर्माण में सदैव मार्गदर्शन करते रहेंगे।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में कहा कि ‘क्रांतिज्योति’ सावित्रीबाई फुले ने साहस, संघर्ष और दूरदर्शिता के बल पर समाज में शिक्षा, समानता और महिला अधिकारों की चेतना जाग्रत की। उनका जीवन सामाजिक परिवर्तन और मानवीय गरिमा का प्रतीक है। उन्होंने नारी सशक्तीकरण के लिए जीवनभर संघर्ष किया।
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