
स्थान: जावर स्टेडियम, उदयपुर | दिनांक: 24 जनवरी – 2 फरवरी, 2026

मैच डे : 01 | दांव पर: प्रतिष्ठित एमकेएम ट्रॉफी
द रोड टू ग्लोरी : 10 दिन, 12 टीमें, 1 विजेता
हिंदुस्तान जिंक और जावर माइंस मजदूर संघ के संयुक्त तत्वावधान में फुटबॉल का महाकुंभ शुरू हो चुका है। जावर का ऐतिहासिक स्टेडियम अगले 10 दिनों तक 46वें ऑल इंडिया मोहन कुमारमंगलम फुटबॉल टूर्नामेंट के हाई-वोल्टेज ड्रामे का गवाह बनेगा। देश के कोने-कोने से आई 12 दिग्गज टीमें ‘पिच’ पर अपना पसीना बहाने और गौरव हासिल करने के लिए तैयार हैं।
चीफ गेस्ट एंड लीजेंडरी प्रेजेंस
मैदान पर जब भारतीय प्रोफेशनल फुटबॉल के चमकते सितारे अरिंदम भट्टाचार्य ने कदम रखा, तो दर्शकों का उत्साह आसमान छू रहा था। अरिंदम ने गेंद को किक मारकर औपचारिक शुरुआत की। उन्होंने कहा:
“ऑल इंडिया मोहन कुमारमंगलम फुटबॉल टूर्नामेंट इस बात का शानदार उदाहरण है कि खेल समुदायों को कैसे मजबूत करते हैं। 46 साल से ग्रासरूट फुटबॉल को सींचना एक बड़ी उपलब्धि है।”
बैटल ऑफ द टाइटन्स: ओपनिंग फिक्स्चर (नया सेगमेंट)
दून स्टार FC vs राजस्थान पुलिस उद्घाटन मैच में रणनीति और शारीरिक ताकत का अद्भुत मेल दिखा। जहाँ देहरादून की टीम ने ‘शॉर्ट पासिंग’ और ‘अटैकिंग गेम’ से दबाव बनाया, वहीं राजस्थान पुलिस की डिफेंस लाइन किसी दीवार की तरह डटी रही। स्टेडियम के चारों ओर मौजूद हजारों ग्रामीण और शहरी दर्शकों का शोर खिलाड़ियों के लिए ’12वें खिलाड़ी’ का काम कर रहा था।

फुटबॉल प्लस कल्चरल कार्निवल
मैच शुरू होने से पहले जावर की समृद्ध संस्कृति की झलक देखने को मिली। स्कूली बच्चों के लोक नृत्य और जावर की सांस्कृतिक झांकी ने यह साबित कर दिया कि यहाँ फुटबॉल सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि एक जज्बात है। कस्बे और आसपास की पंचायतों के लिए यह 10 दिवसीय पर्व किसी त्योहार से कम नहीं है।
विशेष आकर्षण : क्या है नया इस बार? (नया सेगमेंट)
टेक्निकल मॉनिटरिंग: टूर्नामेंट में बेहतरीन तालमेल और अनुशासन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
फुटबॉल का गढ़: जावर की मिट्टी ने कई नेशनल खिलाड़ी दिए हैं, और इस बार भी ‘जिंक फुटबॉल अकादमी’ की ऑल-गर्ल्स रेजिडेंशियल विंग के कोच और स्काउट्स नई प्रतिभाओं पर नजर रख रहे हैं।
मैसिव क्राउड सपोर्ट: 20,000 से अधिक दर्शकों की भागीदारी के साथ, यह राजस्थान का सबसे बड़ा फुटबॉल जमावड़ा बनने जा रहा है।
द कंटेंडर्स (प्रतिभागी टीमें)
इस साल ट्रॉफी की दौड़ में भारत के हर हिस्से का प्रतिनिधित्व है:
कश्मीर यूनाइटेड (श्रीनगर): अपनी ‘हाई-एल्टीट्यूड स्टेमिना’ के लिए प्रसिद्ध।
केएसईबी (तिरुवनंतपुरम): दक्षिण भारतीय फुटवर्क का जादू लेकर आई टीम।
बीएसएफ (पश्चिम बंगाल): फुटबॉल के मक्का से आई एक अनुशासित और मजबूत दावेदार।
हिंदुस्तान जिंक इलेवन: स्थानीय उम्मीदों का भार लिए मेजबान टीम।
विरासत और विजन: जिंक सिटी अभियान
हिंदुस्तान जिंक केवल खेल ही नहीं करा रहा, बल्कि जिंक सिटी अभियान के जरिए उदयपुर की सांस्कृतिक विरासत को भी सहेज रहा है। जावर फुटबॉल स्टेडियम (स्थापना 1976) आज आधुनिक ट्रेनिंग सुविधाओं का केंद्र बन चुका है, जो भविष्य के ‘स्टार्स’ को तराश रहा है।
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