
उदयपुर। प्रकृति शोध संस्थान (PRSU) मुख्यालय पर 77वां गणतंत्र दिवस समारोह अत्यंत उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में शिक्षाविदों, न्यायविदों और प्रबुद्ध नागरिकों ने शिरकत की, जहाँ राष्ट्र के समक्ष मौजूद चुनौतियों और ‘भारतीयता’ के गौरव पर गहन मंथन हुआ।
ध्वजारोहण और मुख्य अतिथियों का उद्बोधन
समारोह का शुभारंभ संस्थान के संस्थापक एवं चेयरमैन प्रोफेसर पी.आर. व्यास द्वारा ध्वजारोहण के साथ हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर आई.वी. त्रिवेदी थे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में एडवोकेट अरुण व्यास उपस्थित रहे।
प्रोफेसर आई.वी. त्रिवेदी : उन्होंने समाज में राष्ट्रव्यापी चुनौतियों का सामना करने के लिए ‘सामाजिक चेतना’ की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमें आज गरीब तबके के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता देनी होगी।
प्रोफेसर पी.आर. व्यास : अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि वर्तमान समय की सबसे बड़ी चुनौती ‘भारतीयता’ को मजबूती से स्थापित करना है। जाति, वर्ग और धर्म की विभाजनकारी ताकतों से ऊपर उठकर मानवता के कल्याण के लिए काम करना ही सच्चा राष्ट्रवाद है।
प्रकृति सेवा सम्मान से विभूषित हुई प्रतिभाएं
संस्थान द्वारा समाज के प्रति उत्कृष्ट सेवाओं के लिए दो प्रमुख सम्मान प्रदान किए गए:
प्रकृति स्वास्थ्य सेवा सम्मान : प्रोफेसर राकेश दशोरा को स्वास्थ्य के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए।
प्रकृति विधि सेवा सम्मान : एडवोकेट अरुण व्यास को कानूनी क्षेत्र में अनुकरणीय सेवाओं के लिए।
अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण और स्वच्छता का संदेश
कार्यक्रम में विशेष रूप से अमेरिका (अटलांटा) से आए संस्थान के जीवन सदस्य मुकुल व्यास ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि और ‘भारतीयता’ के प्रति सम्मान बहुत बढ़ा है, लेकिन नागरिकों को स्वच्छता के प्रति अधिक जागरूक होने की आवश्यकता है। विशिष्ट अतिथि अरुण व्यास ने धर्मनिरपेक्षता के मूल्यों को स्थापित करने को राष्ट्र की बड़ी जरूरत बताया।
गणमान्य जनों की उपस्थिति
समारोह में अशोक जोशी, प्रकाश टांक, सचिव हीरालाल व्यास, प्रवक्ता कमलेश श्रीमाली, अरविंद डिंडोर, सुशीला त्रिपाठी, अलका शर्मा और विमला व्यास सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। अशोक जोशी ने अपने संबोधन में पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए कार्य करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन संस्थान के सचिव हीरालाल व्यास ने किया और अंत में प्रोफेसर राकेश दशोरा ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।
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