उदयपुर में एसीबी का बड़ा एक्शन : गैराज संचालक से मंथली वसूली कर रहा स्पेशल टीम का कांस्टेबल 20 हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार

 

उदयपुर/जयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की स्पेशल यूनिट, उदयपुर ने बुधवार को जाल बिछाकर उदयपुर जिला पुलिस की स्पेशल टीम (वृत्त नगर पूर्व) के कांस्टेबल नागेन्द्र सिंह को 20,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस मामले में एएसआई शक्ति सिंह, हेड कांस्टेबल अर्जुन सिंह और कांस्टेबल अनिल मीणा के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।

डरा-धमका कर मांगी 50 हजार की रिश्वत

एसीबी महानिदेशक गोविन्द गुप्ता के अनुसार, एक गैराज संचालक ने शिकायत दर्ज कराई थी कि करीब 4-5 दिन पहले सादे कपड़ों में चार पुलिसकर्मी सरकारी गाड़ी में उसके गैराज पर आए। आरोपियों ने खुद को डिप्टी साहब की स्पेशल टीम का सदस्य बताते हुए गैराज की गाड़ियों की जांच की और संचालक को धमकाया कि वह चोरी की गाड़ियां काटता है। इसके अलावा उन्होंने जीएसटी न भरने और नाबालिगों से काम कराने का डर दिखाकर गैराज सीज करने की धमकी दी।

20 हजार में तय हुआ सौदा

आरोपियों ने कार्रवाई न करने के बदले 50,000 रुपये प्रति माह (मंथली) की मांग की। परिवादी द्वारा असमर्थता जताने और काफी मिन्नतें करने के बाद आरोपी 20,000 रुपये लेने पर सहमत हुए।

एसीबी की ट्रैप कार्रवाई

एसीबी उदयपुर रेंज के उप महानिरीक्षक डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजीव जोशी के नेतृत्व में 6 मार्च को शिकायत का सत्यापन किया गया। बुधवार को पुलिस निरीक्षक लक्ष्मण डांगी की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से नागेन्द्र सिंह को रिश्वत की राशि लेते हुए दबोच लिया।

स्पेशल टीम के अन्य सदस्य फरार

गिरफ्तार कांस्टेबल नागेन्द्र सिंह ने पूछताछ में बताया कि वह, शक्ति सिंह, अर्जुन सिंह और अनिल मीणा अक्सर सरकारी वाहन से इसी तरह क्षेत्र में जाते थे। बुधवार को वह अकेला ही वसूली के लिए मोटरसाइकिल पर आया था। फिलहाल एसीबी टीम के फरार सदस्यों की तलाश कर रही है।

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव के सुपरविजन में मामले की जांच और आरोपियों से पूछताछ जारी है। एसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है।

 

 

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