तेहरान में शहीदों का महाकुंभ : सैन्य नेतृत्व की शहादत और नए युग का उदय

 

Source: Tehran Times

तेहरान। ईरान की राजधानी आज एक अभूतपूर्व शोक और संकल्प की गवाह बनी। युद्ध के शुरुआती दौर में अमेरिका और इजरायल के हमलों में शहीद हुए अपने सर्वोच्च नेता, शीर्ष सैन्य कमांडरों और निर्दोष नागरिकों को विदाई देने के लिए तेहरान की सड़कों पर करीब 10 लाख लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा । यह आयोजन केवल एक अंतिम संस्कार नहीं था, बल्कि ईरान के नए राजनीतिक और सैन्य भविष्य की एक नई इबारत थी।

सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व को अपूरणीय क्षति
इस युद्ध ने ईरान के सुरक्षा ढांचे को हिलाकर रख दिया है। शोक सभा में देश के उन स्तंभों को याद किया गया जिन्होंने अग्रिम पंक्ति में अपनी जान गंवाई:

शीर्ष सैन्य कमांडर: सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ ले. जनरल अब्दुलरहीम मौसावी, IRGC के कमांडर-इन-चीफ ले. जनरल मोहम्मद पाकपुर, और रक्षा मंत्री मेजर जनरल अजीज नासिरजादेह जैसे अनुभवी रणनीतिकार इस हमले में शहीद हुए हैं ।

सर्वोच्च नेता की शहादत: सबसे बड़ी खबर इस्लामिक क्रांति के दूसरे सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई की शहादत रही । उनकी मृत्यु ने ईरान में एक युग का अंत कर दिया है।

नया नेतृत्व: इसी सप्ताह अयातुल्ला के पुत्र, अयातुल्ला सैय्यद मुजतबा खामेनेई को ईरान का तीसरा सर्वोच्च नेता चुना गया है, जो इस संकट के समय में देश की कमान संभालेंगे ।

मासूमों की शहादत और जन-आक्रोश
युद्ध की विभीषिका ने मासूमों को भी नहीं बख्शा, जिससे जनता में भारी रोष व्याप्त है:

मिनाब स्कूल हमला: दक्षिणी शहर मिनाब में एक अमेरिकी मिसाइल हमले में प्राथमिक विद्यालय की 165 से अधिक छात्राएं शहीद हो गईं, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है ।

सबसे कम उम्र की शहीद: शहीदों में 2 महीने की बच्ची ज़ैनब भी शामिल थी, जिसका नाम आज हर ईरानी की जुबां पर था ।

युद्ध के बीच अटूट संकल्प
जनाजे के दौरान जब तेहरान के हवाई रक्षा तंत्र (Air Defense Systems) सक्रिय हुए, तो भीड़ ने डरने के बजाय “अल्लाह-हु-अकबर” और “अमेरिका मुर्दाबाद” के नारे लगाकर अपनी अटूट निष्ठा का परिचय दिया । विज्ञान मंत्री हुसैन सिमाई ने स्पष्ट किया कि ये धमकियां ईरानी जनता को झुका नहीं पाएंगी और वे अपने दुश्मनों को घुटने टेकने पर मजबूर कर देंगे ।

निष्कर्ष: भविष्य की दिशा
यह विशाल जनसमूह दर्शाता है कि नेतृत्व खोने के बावजूद ईरान की जनता अपने नए नेता मुजतबा खामेनेई के पीछे एकजुट है। सैन्य कमांडरों की शहादत ने प्रतिरोध की आग को और तेज कर दिया है, जो आने वाले दिनों में मध्य-पूर्व के समीकरणों को पूरी तरह बदल सकता है।

 

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