राजस्थान के नागौर में 10 टन विस्फोटक बरामद, NIA-IB ने संभाली जांच

नागौर/अजमेर। राजस्थान के नागौर जिले में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 10 टन विस्फोटक सामग्री बरामद की है। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर हुई इस बरामदगी ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड पर ला दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) ने जांच की कमान संभाल ली है और टीमें नागौर में डेरा डाले हुए हैं।

फार्म हाउस बना था विस्फोटकों का गोदाम

पुलिस ने नागौर के हरसौर गांव स्थित एक फार्म हाउस पर छापेमारी कर भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जब्त की। तलाशी के दौरान अधिकारियों को वहां से 187 कट्टे अमोनियम नाइट्रेट (कुल वजन लगभग 9,550 किलोग्राम), 9 कार्टन डेटोनेटर, 27 कार्टन और 20 बंडल फ्यूज वायर (लाल व नीले रंग) बरामद हुए। इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया।

पूछताछ से पहले आरोपी की तबीयत बिगड़ी

इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी सुलेमान खान (58) को गिरफ्तार किया है। केंद्रीय एजेंसियों द्वारा पूछताछ से पहले ही आरोपी का ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ गया, जिसके बाद उसे पहले थांवला अस्पताल और फिर हालत गंभीर होने पर अजमेर के JLN अस्पताल रेफर किया गया। फिलहाल आरोपी भारी पुलिस सुरक्षा के बीच आईसीयू में भर्ती है।

कौन है सुलेमान खान?

जांच में सामने आया है कि सुलेमान खान पहले वैध रूप से विस्फोटक मैगजीन संचालित करता था, लेकिन लाइसेंस समाप्त होने के बाद उसने अवैध गतिविधियां शुरू कर दीं। वह कथित तौर पर रात के समय खनन माफियाओं को विस्फोटक सप्लाई करता था। आरोपी के खिलाफ पहले से ही तीन अलग-अलग थानों में विस्फोटक अधिनियम के तहत मामले दर्ज हैं।

एजेंसियों को बड़ी साजिश की आशंका

हालांकि प्रारंभिक तौर पर इसे खनन माफिया से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन 26 जनवरी से ठीक पहले इतनी बड़ी खेप का मिलना सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। गृह मंत्रालय के निर्देश पर NIA पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस विस्फोटक सामग्री का इस्तेमाल कहीं किसी आतंकी या राष्ट्रविरोधी साजिश में तो नहीं किया जाना था।

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