
उदयपुर। झाड़ोल उपखंड के बाघपुरा थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात हुई एक दर्दनाक वारदात ने पूरे इलाके को दहला दिया। तलवारों और अन्य हथियारों से लैस बदमाशों ने दो युवकों पर अचानक हमला कर दिया, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। इस निर्मम घटना से गांव में भय और आक्रोश का माहौल व्याप्त हो गया है। वहीं बीच-बचाव के लिए आए एक किराना दुकानदार को भी हमलावरों ने नहीं बख्शा और उस पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया।
घटना के बाद पूरे गांव में तनाव की स्थिति बन गई। शनिवार को आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने क्षेत्र में छह थानों का जाब्ता तैनात कर दिया और आरोपियों की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गईं। वहीं आशंका के चलते आरोपी पक्ष के कई लोग गांव छोड़कर चले गए हैं।
जानकारी के अनुसार सैलाना गांव में शुक्रवार रात करीब 8 बजे रिछावर निवासी सुरेश (25) पुत्र अमृत अहारी और भैरूलाल (27) पुत्र प्रभुलाल बड़गोजा बाइक से सैलाना की ओर जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में करीब आधा दर्जन बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें रोक लिया। तलवारों और अन्य हथियारों से लैस बदमाशों ने अचानक दोनों युवकों पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमला इतना भयावह था कि दोनों युवकों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।
इस दौरान पास ही किराना दुकान चलाने वाले सुमित (30) पुत्र रूपजी ने चीख-पुकार की आवाज सुनकर दुकान से बाहर आकर देखा तो सामने खूनी संघर्ष चल रहा था। मानवता के नाते वह बीच-बचाव के लिए आगे बढ़ा, लेकिन बदमाशों ने उस पर भी हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल सुमित को ग्रामीणों ने तुरंत एंबुलेंस से झाड़ोल चिकित्सालय पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे एमबी चिकित्सालय, उदयपुर रेफर कर दिया गया।
घटना की सूचना मिलते ही बाघपुरा थानाधिकारी वेलाराम मय जाब्ते के मौके पर पहुंचे और दोनों शवों को झाड़ोल मोर्चरी में रखवाया। बाद में पुलिस अधिकारियों ने मृतकों की पहचान कर उनके परिजनों को सूचना दी।
घटना के विरोध में शनिवार को मृतकों के परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में एकत्र हुए और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। हंगामे की आशंका को देखते हुए बाबलवाड़ा, पहाड़ा, झाड़ोल, बाघपुरा, ओगणा और फलासिया थानों सहित पुलिस लाइन से अतिरिक्त जाब्ता तैनात किया गया।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मृतकों के परिवारों को 50-50 लाख रुपये मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग की है। मौके पर पहुंचे एडिशनल एसपी अंजना सुखवाल, तहसीलदार सीताराम और डीएसपी विवेक सिंह ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन अपनी मांगों पर अड़े रहे और उन्होंने शव लेने से भी इंकार कर दिया। बताया जा रहा है कि ग्रामीण रविवार को फिर से प्रदर्शन करेंगे।
पुलिस के अनुसार मामले में कुछ आरोपियों को नामजद किया गया है और उनकी तलाश के लिए टीमें गठित कर जंगलों सहित विभिन्न स्थानों पर दबिश दी जा रही है। घटना के बाद से आरोपी पक्ष के कई लोग गांव छोड़कर चले गए हैं, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।
इस हृदयविदारक घटना ने दो परिवारों की खुशियां छीन ली हैं और पूरे गांव को गहरे शोक में डुबो दिया है। अब हर किसी की नजर पुलिस की कार्रवाई पर टिकी है, ताकि दोषियों को जल्द से जल्द कानून के कठघरे में लाया जा सके।
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