
नई दिल्ली | देश के पांच राज्यों—पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी—में चुनावी बिगुल बजने जा रहा है। भारतीय चुनाव आयोग (ECI) आज शाम 4 बजे एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस करने जा रहा है, जिसमें इन राज्यों की विधानसभा चुनाव तारीखों की घोषणा की जाएगी। इन सभी विधानसभाओं का कार्यकाल मई 2026 में समाप्त हो रहा है।
माना जा रहा है कि बंगाल, असम और तमिलनाडु में चुनाव दो या दो से अधिक चरणों में हो सकते हैं, जबकि केरल और पुडुचेरी में एक ही चरण में मतदान संपन्न कराया जा सकता है।
मतदाता सूची में बड़ा बदलाव: तमिलनाडु और बंगाल से कटे लाखों नाम
चुनावों की घोषणा से पहले मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं।
तमिलनाडु: सूची से सबसे ज्यादा 74 लाख से अधिक नाम हटाए गए हैं। राज्य में अब पंजीकृत मतदाताओं की संख्या 5.67 करोड़ रह गई है।
पश्चिम बंगाल: यहाँ भी करीब 58 लाख लोगों के नाम सूची से बाहर हुए हैं।
अन्य राज्य: केरल में 8 लाख, असम में 2 लाख और पुडुचेरी में 77 हजार नाम हटाए गए हैं।
सियासी समीकरण: दांव पर दिग्गजों की साख
पश्चिम बंगाल: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सामने अपनी सत्ता बचाने और लगातार चौथी बार सीएम बनकर इतिहास रचने की चुनौती है। यहाँ भाजपा मुख्य प्रतिद्वंद्वी के रूप में मैदान में है।
असम: भाजपा यहाँ ‘हैट्रिक’ लगाने की तैयारी में है और 126 में से 100+ सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है। वहीं कांग्रेस ने 10 दलों के साथ गठबंधन कर घेराबंदी की है।
तमिलनाडु: 60 साल से द्रविड़ राजनीति के केंद्र रहे इस राज्य में भाजपा AIADMK के साथ गठबंधन कर सकती है। साथ ही सुपरस्टार विजय की पार्टी TVK की एंट्री ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।
केरल: देश के इकलौते लेफ्ट शासित राज्य में सत्ता परिवर्तन की पुरानी परंपरा रही है, जिसे 2021 में वाम मोर्चे ने तोड़ा था। भाजपा यहाँ अपना पहला विधानसभा खाता खोलने की पुरजोर कोशिश में है।
पुडुचेरी: यहाँ वर्तमान में AINRC-BJP गठबंधन की सरकार है। कांग्रेस और DMK गठबंधन सत्ता में वापसी के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
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